Ambikapur: रिहायशी इलाकों में पटाखा दुकान और गोदाम, पेट्रोल पंप के बगल में भी कारोबार, व्यवस्था पर सवाल
अंबिकापुर
Ambikapur News: दीपावली और छठ जैसे बड़े त्योहारों से ठीक पहले अंबिकापुर शहर में पटाखों के अवैध भंडारण और रिहायशी इलाकों में दुकान व गोदाम संचालन का मामला गंभीर सवाल खड़े कर रहा है. शहर के घनी आबादी वाले क्षेत्रों में पटाखों का कारोबार खुलेआम संचालित होने के आरोप हैं. हैरानी की बात यह है कि बिलासपुर- अंबिकापुर मुख्य मार्ग पर रिहायशी क्षेत्र में पेट्रोल पंप के ठीक बगल में पटाखे की दुकान शुरू हो गई है. वहीं महामाया रोड की एक संकरी गली में भी वर्षों से पटाखा दुकान और गोदाम संचालित होने की शिकायत सामने आई है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर सुरक्षा मानकों और लाइसेंस की शर्तों की निगरानी कौन कर रहा है.
महामाया रोड से अंदर जाने वाली संकरी गली में संचालित पटाखा दुकान और गोदाम को लेकर स्थानीय लोगों की चिंता इसलिए भी बढ़ गई है, क्योंकि यहां आगजनी जैसी आपात स्थिति में दमकल वाहन का पहुंचना तक मुश्किल बताया जा रहा है. इसके बावजूद यहां पटाखों का कारोबार किस आधार पर संचालित हो रहा है और लाइसेंस जारी करते समय किन सुरक्षा मानकों की जांच की गई, यह बड़ा सवाल है.
पहले हो चुका है भीषण अग्निकांड
अंबिकापुर में कुछ महीने पहले ही एक पटाखा दुकान में भीषण आग लगने की घटना सामने आई थी. आग इतनी भयावह थी कि कई दिनों तक इसे पूरी तरह बुझाने में मशक्कत करनी पड़ी थी. इस घटना में करोड़ों रुपये के नुकसान की बात सामने आई थी, वहीं आसपास मौजूद कई लोगों की जान भी बाल-बाल बची थी.
इस घटना के बाद उम्मीद थी कि प्रशासन शहर में संचालित सभी पटाखा दुकानों और गोदामों की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक जांच करेगा. रिहायशी इलाकों में भंडारण, अग्निशमन व्यवस्था, दुकानों की दूरी और लाइसेंस की शर्तों का परीक्षण किया जाएगा. लेकिन मौजूदा शिकायतों ने प्रशासनिक निगरानी और कार्रवाई की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं. लोगों का कहना है कि किसी बड़े हादसे के बाद ही प्रशासन की नींद क्यों खुलती है.
एसडीएम ने शुरू कराई जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए सरगुजा कलेक्टर अजीत वसंत ने एसडीएम को जांच और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. इसके बाद अंबिकापुर एसडीएम वन सिंह नेताम ने संबंधित तहसीलदार और पुलिस को जांच एवं कार्रवाई के लिए निर्देशित किया है.
एसडीएम वन सिंह नेताम ने बताया कि कलेक्टर से जांच और कार्रवाई के निर्देश प्राप्त हुए हैं. इसके आधार पर तहसीलदार और पुलिस को आवश्यक कार्रवाई के लिए कहा गया है. उन्होंने महामाया रोड की संकरी गली में संचालित रोशन पटाखा दुकान का जिक्र करते हुए बताया कि प्रशासन ने पहले इस दुकान को शहर से बाहर शिफ्ट कराया था. यदि दुकान दोबारा उसी स्थान पर संचालित हो रही है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
त्योहार से पहले बढ़ा खतरा
दीपावली और छठ का त्योहार नजदीक है. ऐसे में पटाखों की मांग बढ़ने के साथ दुकानों और गोदामों में बड़े पैमाने पर भंडारण की आशंका भी है. आरोप हैं कि कुछ व्यापारी अधिक मुनाफा कमाने के चक्कर में लाइसेंस की शर्तों और सुरक्षा मानकों को दरकिनार कर पटाखों का भंडारण कर रहे हैं.
यदि घनी आबादी वाले इलाके में किसी दुकान या गोदाम में आग लगती है तो आसपास के मकानों और दुकानों तक आग फैलने का खतरा पैदा हो सकता है. संकरी गलियों और दमकल वाहनों की पहुंच में बाधा के कारण स्थिति और भयावह हो सकती है.
अब जांच और कार्रवाई पर टिकी शहरवासियों की नजर
शहर के जागरूक नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि केवल कागजी जांच तक कार्रवाई सीमित न रहे, बल्कि सभी पटाखा दुकानों और गोदामों का भौतिक सत्यापन कराया जाए. लाइसेंस की शर्तों, भंडारण की क्षमता, अग्निशमन उपकरणों और आपातकालीन निकासी की व्यवस्था की जांच हो. नियमों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित प्रतिष्ठानों को तत्काल सील किया जाए और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई हो.



