Ambikapur Teacher Protest: TET मुक्ति महारैली में शिक्षकों ने भरी हुंकार, अंबिकापुर में हजारों शिक्षकों ने किया प्रदर्शन
अंबिकापुर: शिक्षकों ने किया प्रदर्शन
Ambikapur Teacher Protest: पदोन्नति में TET की अनिवार्यता समाप्त करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर मंगलवार को अम्बिकापुर में हजारों शिक्षकों ने शक्ति प्रदर्शन किया. छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर जिले के सभी विकासखंडों से शिक्षक- शिक्षिकाएं कला केंद्र मैदान में जुटे. यहां धरना-प्रदर्शन के बाद शिक्षकों ने शहर में विशाल “TET मुक्ति महारैली” निकाली. रैली कला केंद्र मैदान से शुरू होकर कलेक्टर कार्यालय और कलेक्ट्रेट होते हुए जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंची. यहां मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, शिक्षा सचिव और लोक शिक्षण संचालनालय के नाम कलेक्टर एवं जिला शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर शिक्षकों की मांगों पर जल्द कार्रवाई की मांग की गई.
पदोन्नति में TET की अनिवार्यता का विरोध
मोर्चा के पदाधिकारियों ने कहा कि पूर्व में नियुक्त शिक्षकों की भर्ती और पदोन्नति के नियमों में TET अनिवार्य नहीं था. ऐसे में वर्षों तक सेवा देने और अनुभव हासिल करने के बाद पदोन्नति के लिए TET अनिवार्य किए जाने से हजारों शिक्षक प्रभावित हो रहे हैं. शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने सवाल उठाया कि करीब 28 वर्षों तक शिक्षण सेवा और अनुभव रखने वाले शिक्षकों को अब दोबारा TET जैसी परीक्षा देने के लिए बाध्य क्यों किया जा रहा है. संगठन ने TET प्रभावित शिक्षकों की सेवा सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है.
पदोन्नति सूची जारी होने पर घेराव की चेतावनी
मोर्चा के जिला संयोजक कमलेश सिंह ने कहा कि TET से प्रभावित शिक्षकों की सेवा सुरक्षा संगठन की प्राथमिकता है. उन्होंने दावा किया कि विभागीय स्तर पर भी इस मुद्दे पर सकारात्मक चर्चा हुई है और शिक्षकों के हितों को सुरक्षित रखने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर विचार किए बिना पदोन्नति सूची जारी की गई तो शिक्षक संघर्ष मोर्चा संभागीय संयुक्त संचालक और जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय का घेराव कर उग्र आंदोलन करेगा.
TET की अनिवार्यता खत्म करने के अलावा मोर्चा ने B.Ed. ब्रिज कोर्स शुरू करने, 13 फरवरी 2026 को जारी नई भर्ती एवं पदोन्नति नियमों की विसंगतियां दूर करने, पुरानी पेंशन के लिए पूर्व सेवा की गणना करने तथा शिक्षक-कर्मचारियों को केंद्रीय स्तर का वेतनमान देकर वेतन विसंगति दूर करने की मांग भी उठाई.
शिक्षकों का क्या कहना है?
मोर्चा के प्रांतीय सह-संचालक मुकेश मुदलियार ने कहा कि केवल आंदोलन करना संगठन का उद्देश्य नहीं है, बल्कि आंदोलन को सकारात्मक परिणाम तक पहुंचाना भी जरूरी है. शिक्षकों के हित में विभाग के साथ संवाद और संघर्ष दोनों स्तरों पर रणनीति के साथ काम किया जा रहा है. तीन शिक्षक संगठनों ने मिलकर बनाया संघर्ष मोर्चा राज्यव्यापी आंदोलन के तहत सरगुजा जिले के सभी विकासखंडों से बड़ी संख्या में शिक्षक अम्बिकापुर पहुंचे. प्रदेश के LB संवर्ग के तीन प्रमुख संगठन, छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन, शालेय शिक्षक संघ और प्रदेश संयुक्त शिक्षक संघ ने एकजुट होकर छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा का गठन किया है.
अम्बिकापुर में आयोजित आंदोलन का नेतृत्व सरगुजा जिला संचालक कमलेश सिंह, नरेंद्र मिश्रा और स्नेहलता पाठक ने किया. आंदोलन में जिलेभर से बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाओं की मौजूदगी रही. शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने स्पष्ट किया है कि TET प्रभावित शिक्षकों की मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होने तक संगठन आंदोलन को आगे भी जारी रखेगा.