Ambikapur: बस के तय किराए से ज्यादा वसूली, यात्रियों की जेब पर डाल रहे डाका, RTO ने किराया सूची लगाए के दिए निर्देश
अंबिकापुर बस स्टेंड
Ambikapur News: अंबिकापुर में चलने वाली यात्री बसों में यात्रियों से निर्धारित किराए से अधिक राशि वसूले जाने का मामला सामने आया है. इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. दूसरी ओर, परिवहन विभाग द्वारा बस ऑपरेटरों को स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं कि सभी बसों में किराया सूची चस्पा की जाए, लेकिन स्थानीय स्तर पर संचालित कई यात्री बसों में किराया सूची तक नहीं लगाई गई है. इसका फायदा उठाकर यात्री बस संचालकों द्वारा यात्रियों से मनमाना किराया वसूलने का आरोप लग रहा है.
बस स्टैंड से रोजाना 200 से अधिक बसों का संचालन
अंबिकापुर बस स्टैंड से हर रोज 200 से अधिक यात्री बसों का आना-जाना होता है, लेकिन स्थानीय स्तर पर चलने वाली सामान्य यात्री बसों में किराया सूची नहीं लगाई गई है. यही वजह है कि अंबिकापुर से सीतापुर, अंबिकापुर से बलरामपुर, अंबिकापुर से वाड्रफनगर और अंबिकापुर से सूरजपुर जैसे रूट पर जाने वाले यात्रियों से निर्धारित किराए से कई गुना अधिक, यहां तक कि दोगुना किराया वसूले जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं. यातायात विभाग द्वारा कई बार बस मालिकों को यात्रियों से अधिक किराया नहीं वसूलने की चेतावनी दी जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद बस संचालकों पर इसका कोई खास असर दिखाई नहीं दे रहा है.
किराया बढ़ाने की मांग, 22 सितंबर से हड़ताल का ऐलान
दूसरी तरफ, लंबे समय से बस मालिक यात्री बसों का किराया बढ़ाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन अभी तक सरकार की ओर से इस संबंध में कोई फैसला नहीं लिया गया है. बस मालिकों ने ऐलान किया है कि यदि यात्री बसों का किराया नहीं बढ़ाया जाता है तो 22 सितंबर को हड़ताल की जाएगी और प्रदेशभर में बसों का परिचालन बंद रखा जाएगा. इस बीच सरकार के साथ कुछ बस मालिकों की चर्चा हुई है, जिसके बाद कुछ संचालकों द्वारा हड़ताल से वापस जाने की बात कही गई है. हालांकि, छोटे बस ऑपरेटर और उनके पदाधिकारी अब भी हड़ताल पर टिके रहने की बात कह रहे हैं.
यातायात संघ बोला- हड़ताल के फैसले पर अडिग
हालांकि, छत्तीसगढ़ यातायात संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि हड़ताल को लेकर की गई घोषणा पर वे अडिग हैं. 22 सितंबर को छत्तीसगढ़ यातायात संघ द्वारा प्रदेशभर में बसों का परिचालन बंद कर दिया जाएगा, यदि सरकार ने बसों के किराए में बढ़ोतरी नहीं की. संघ का कहना है कि सरकार ने करीब पांच साल पहले सामान्य यात्री बसों का किराया प्रति किलोमीटर एक रुपये से बढ़ाकर 1.25 रुपये किया था, लेकिन बाद में इसे फिर से एक रुपये प्रति किलोमीटर कर दिया गया. इसके बाद से महंगाई लगातार बढ़ती जा रही है. ऐसे में बस संचालकों की मांग है कि सरकार सामान्य यात्री बसों का किराया बढ़ाकर प्रति किलोमीटर 1.50 रुपये करे, क्योंकि डीजल और ऑटो पार्ट्स समेत अन्य जरूरी सामान की कीमतों में पिछले कुछ वर्षों के दौरान तेजी से बढ़ोतरी हुई है.
आरटीओ ने कहा- ज्यादा किराया वसूला तो होगी कार्रवाई
इस पूरे मामले में आरटीओ का कहना है कि सरकार द्वारा किराए में बढ़ोतरी किए जाने तक बस ऑपरेटरों द्वारा यात्रियों से निर्धारित किराए से अधिक राशि वसूल नहीं की जा सकती है. यदि किसी बस में यात्रियों से अधिक किराया वसूले जाने की शिकायत मिलती है या जांच के दौरान ऐसा पाया जाता है तो संबंधित बस के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. अधिकारियों का कहना है कि बस संचालकों को निर्धारित किराए के अनुसार ही यात्रियों से राशि लेने के निर्देश दिए गए हैं और बसों में किराया सूची चस्पा करना भी जरूरी है.
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