सूरजपुर में बारिश बनी आफत! FCI गोदाम की दीवार ढही, 7 मकान क्षतिग्रस्त, बिना कॉलम बाउंड्रीवॉल बनाने पर उठे सवाल

Surajpur News: घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन मौके पर पहुंचा. एसडीएम शिवानी जायसवाल ने बताया कि दीवार गिरने से 7 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं. राजस्व टीम द्वारा मौके का निरीक्षण किया जा रहा है और प्रभावित परिवारों को नियमानुसार सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी
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सूरजपुर में एफसीआई गोदाम की दीवार ढही, 7 मकान क्षतिग्रस्त हुए

Surajpur News: सूरजपुर जिले में लगातार हो रही बारिश अब लोगों के लिए आफत बनती जा रही है. विश्रामपुर क्षेत्र में देर रात एक बड़ा हादसा उस समय टल गया, जब FCI गोदाम की करीब 7 से 8 फीट ऊंची बाउंड्री वॉल अचानक भरभराकर गिर गई. दीवार गिरने से उससे सटे 7 मकान क्षतिग्रस्त हो गए, हालांकि गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई और लोग बाल-बाल बच गए.

लोगों में दिखी नाराजगी

घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिली. लोगों का आरोप है कि गोदाम की दीवार लंबे समय से जर्जर थी, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने समय रहते उसकी मरम्मत या सुरक्षा के लिए कोई कदम नहीं उठाया. लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई होती तो यह हादसा टाला जा सकता था.

बिना कॉलम बनाई गई दीवार

सबसे बड़ा सवाल इस बात को लेकर उठ रहा है कि बाउंड्री वॉल बिना कॉलम के बनाई गई थी. स्थानीय लोगों ने इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई और प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा देने की मांग की है.

अधिकारियों ने घटनास्थल का जायजा लिया

घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन मौके पर पहुंचा. एसडीएम शिवानी जायसवाल ने बताया कि दीवार गिरने से 7 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं. राजस्व टीम द्वारा मौके का निरीक्षण किया जा रहा है और प्रभावित परिवारों को नियमानुसार सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी. साथ ही बची हुई बाउंड्री वॉल की भी जांच कराई जा रही है. इस संबंध में एफसीआई के वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र लिखकर पूरी जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं.

प्राकृतिक आपदा मानने से इनकार

वहीं, FCI गोदाम के प्रबंधक का बयान भी सवालों के घेरे में है. उन्होंने स्वीकार किया कि बाउंड्री वॉल बिना कॉलम के बनाई गई थी, लेकिन इसके बावजूद घटना को “प्राकृतिक आपदा” बताया. इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी कहा कि यदि आगे और दीवार गिरती है तो उसे भी प्राकृतिक आपदा ही माना जाएगा. प्रबंधक ने यह भी स्वीकार किया कि दीवार पुरानी थी और बाहर से रंग-रोगन कर दिया गया था, जिससे उसकी वास्तविक स्थिति का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता था.

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अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या यह केवल भारी बारिश का असर था या फिर निर्माण में हुई लापरवाही का नतीजा? फिलहाल प्रशासन ने जांच के आदेश दिए हैं, लेकिन प्रभावित परिवारों को राहत और दोषियों पर कार्रवाई कब होगी, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं.

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