गुस्सा, नशा और पछतावे की डरावनी मर्डर मिस्ट्री! एक ही परिवार के दो की मौत, एक घायल
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CG News: मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी का कुंवारदल्ली गांव. रात का वक्त था, चारों तरफ अंधेरा और सिर्फ सन्नाटा और इसी सन्नाटे के बीच गांव से कुछ दूर खेत में बनी झोपड़ी पर शेखर अपनी मां के साथ अलाव ताप रहा था. खाना खाकर सभी आग के आसपास बैठे थे. तभी उसका पिता संतराम अचानक घर के अंदर से भरमार बंदूक लेकर आता है. बंदूक को लोड करता है और सीधे बेटे की छाती में मार देता है. गोली शेखर के शरीर के आरपार हो जाती है और फिर वही गोली उसकी मां को भी घायल कर देती है.
आरोपी पिता अंधेरे का फायदा उठाकर फरार
शेखर की मौके पर ही मौत हो जाती है. गोली की आवाज से हर तरफ हड़कंप मच जाता है, लोग दौड़ते हैं. पिता संतराम बंदूक लेकर अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो जाता है. इधर लोग खून से लथपथ शेखर और उसकी मां को अस्पताल ले जाते हैं लेकिन शेखर अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ चुका था.
शराब के नशे में बेटे को मारी गोली
पुलिस मौके पर पहुंच चुकी थी. आसपास जांच पड़ताल की गई लेकिन एक सवाल बार-बार हैरान कर रहा था कि आखिर एक पिता इतना हैवान कैसे हो गया. उसने बेटे को मौत की नींद में सुला दिया और जो कहानी सामने आई वो हैरान करने वाली थी. संतराम शराब पीने का आदी था, शराब के नशे में दोपहर के वक्त घर पहुंचा और अपनी पत्नी से विवाद करने लगा. बेटे शेखर को जब ये बात पता चली तो मौके पर पहुंचता है और पिता को शांत करने की कोशिश करता है. पिता उस वक्त तो शांत हो गया लेकिन उसके अंदर बदले की आग धधकने लगी और रात को जब सभी खाना खाकर आग ताप रहे थे. इसी दौरान वो आपा खो देता है और बंदूक से बेटे पर फायर कर देता है.
आरोपी का शव खेत में पेड़ से लटका मिला शव
पुलिस के सामने ये सच आ चुका था कि आखिर एक पिता इतना हैवान कैसे हो गया लेकिन अब दूसरा सवाल था कि आखिर हत्यारा पिता कहां है. पुलिस तलाश में जुटी थी लेकिन कोई सुराग नहीं मिला. धीरे-धीरे 24 घंटे बीत गए और फिर कुछ ऐसा सामने आया कि हर कोई हैरान रह गया. दूसरे दिन सुबह जब लोग खेतों की तरफ गए तो उन्हें संतराम दिखाई देता है. लेकिन अब वो जिंदा नहीं था बल्कि उसकी लाश एक पेड़ के ऊपर फांसी के फंदे पर लटकी हुई थी. पुलिस लाश को उतारती है. अंदेशा जताया जा रहा है कि बेटे की हत्या और पत्नी पर जानलेवा हमले के बाद शायद संतराम डर गया और इसी डर के चलते उसने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली.
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कुंवारदल्ली गांव में एक ही रात में पूरा परिवार बिखर गया. शराब के नशे ने पहले एक बेटे की जान ली और फिर एक पिता को भी मौत के फंदे तक पहुंचा दिया. गुस्से, नशे और पछतावे की ये कहानी मर्डर से शुरू हुई और सुसाइड पर खत्म हो गई. पुलिस की नजर में पूरा मामला सुलझ चुका है. सिवाय इस सवाल के कि वो भरमार बंदूक कहां है. जिसके जरिए एक पिता ने अपने ही कलेजे के टुकड़े को छलनी कर दिया.