Jagtar Singh Hawara: पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे जगतार सिंह हवारा को दिल्ली की तिहाड़ जेल से पंजाब की जेल में भेजने का मामला चर्चा में है. इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) ने सुप्रीम कोर्ट में इस मांग का विरोध किया है. एजेंसी का कहना है कि हवारा को पंजाब की जेल में शिफ्ट करने से राज्य में होने वाले विधानसभा चुनाव पर बड़ा असर पड़ सकता है. साथ ही इससे कानून-व्यवस्था को लेकर भी परेशानी खड़ी हो सकती है.
मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई हुई. जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस पीबी वराले की बेंच के सामने IB ने अपनी रिपोर्ट पेश की. एजेंसी ने हवारा को हाई रिस्क कैदी बताया और कहा कि उसे पंजाब की जेल में भेजना सुरक्षा के लिहाज से ठीक नहीं होगा. कोर्ट ने भी IB की रिपोर्ट को गंभीर बताया.
मां से मिलने पंजाब जाना चाहता है हवारा
जगतार सिंह हवारा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर उसे पंजाब की जेल में भेजने की मांग की है. उसका कहना है कि वह पंजाब के फतेहगढ़ साहिब जिले का रहने वाला है. उसकी मां की उम्र करीब 90 साल है. ऐसे में वह अपने गृह राज्य की जेल में रहकर उनसे मिलना चाहता है. हवारा की ओर से पेश वकील ने कोर्ट में कहा कि अगर चुनाव को लेकर कोई चिंता है. तो इस मामले पर तीन महीने बाद सुनवाई की जा सकती है.
2004 में सुरंग बनाकर जेल से हुआ था फरार
हवारा को 1995 में पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के मामले में दोषी ठहराया गया था. 31 अगस्त 1995 को चंडीगढ़ स्थित सिविल सचिवालय के बाहर आत्मघाती बम धमाका हुआ था. इसमें बेअंत सिंह समेत 17 लोगों की मौत हुई थी.
मार्च 2007 में ट्रायल कोर्ट ने हवारा को फांसी की सजा सुनाई थी. हालांकि, अक्टूबर 2010 में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने उसकी सजा को उम्रकैद में बदल दिया. कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि उसे जीवन भर जेल में रहना होगा.
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