Bharat Vistaar AI: क्या है भारत विस्तार एआई? जिससे किसानों की इनकम होगी दोगुनी!

Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 में किसानों के लिए एक AI टूल का ऐलान किया है. इस टूल का नाम भारत विस्तार एआई है, जो किसानों तक AI तकनीक के फायदे लाने का काम करेगा.
bharat_vistaar_ai

भारत विस्तार AI टूल क्या है?

Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी को बजट 2026 पेश किया. इस बजट में उन्होंने किसानों के लिए कई ऐलान किए. साथ-साथ ही किसानों के लिए भारत-विस्तार AI टूल की भी घोषणा की. यह टूल किसानों को खेती के लिए अलग-अलग भाषाओं में जानकारी देगा. जानिए क्या है भारत विस्तार AI टूल-

क्या है भारत विस्तार AI टूल?

  • भारत-विस्तार का पूरा नाम Virtually Integrated System To Access Agricultural Resources (VISTAAR) है.
  • यह एक बहुभाषी AI आधारित प्लेटफॉर्म है, जिसे IIT मद्रास और कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने मिलकर विकसित किया है.
  • इस टूल का मुख्य उद्देश्य डिजिटल तकनीक के माध्यम से कृषि विस्तार प्रणाली को अधिक कुशल और प्रभावी बनाना है.
  • यह टूल AgriStack पोर्टल्स और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) की कृषि प्रथाओं को AI सिस्टम से जोड़ेगा.
  • फसल, मिट्टी, मौसम और विभिन्न खेती विधियों से जुड़े डेटा को AI की मदद से प्रासंगिक बनाकर किसानों तक पहुंचाएगा.
  • इससे किसानों को वैज्ञानिक सलाह आसानी से मिल सकेगी, बेहतर निर्णय लेने में मदद मिलेगी, उत्पादकता बढ़ेगी और जोखिम कम होगा.

ये भी पढ़ें- Budget 2026: अल्पसंख्यकों के लिए मोदी सरकार ने खोला खजाना, जानें बजट में कितना मिला फंड

किसानों के लिए अन्य प्रमुख घोषणाएं

  • तटीय क्षेत्रों में काजू और नारियल उत्पादकों की आय बढ़ाने के लिए वित्तीय सहायता और प्रोत्साहन दिया जाएगा. नारियल उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाने के लिए Coconut Promotion Scheme शुरू की जाएगी, जिसमें पुराने और कम उत्पादक पेड़ों को नए उच्च उपज वाले पौधों से बदलने जैसे कदम शामिल हैं.
  • पहाड़ी इलाकों में खुमानी (अप्रिकॉट), अखरोट (वालनट) और बादाम की खेती को बढ़ावा दिया जाएगा.
  • कोको (कोकोआ) की खेती को प्रोत्साहन मिलेगा, ताकि चॉकलेट और प्रोसेसिंग उद्योग को स्थानीय कच्चा माल उपलब्ध हो और भारत को कोको में आत्मनिर्भर बनाया जा सके.
  • काजू और कोको के लिए समर्पित कार्यक्रम शुरू होगा, जिससे भारत कच्चे काजू और कोको उत्पादन-प्रसंस्करण में आत्मनिर्भर बने, निर्यात क्षमता बढ़े और 2030 तक भारतीय काजू व कोको को वैश्विक प्रीमियम ब्रांड बनाया जा सके.
  • उच्च गुणवत्ता वाले आयुर्वेदिक उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए रणनीति तैयार की गई है.

ज़रूर पढ़ें