India-US Trade Deal पर फिर टली बात! ट्रंप की टैरिफ वाली नई धमकी के बीच रिपोर्ट्स में दावा

India US Trade Deal: पीयूष गोयल ने कहा था कि जब तक भारत के किसानों, मछुआरों और MSME सेक्टर के हितों की पूरी सुरक्षा नहीं होती, तब तक हम कोई डील नहीं करेंगे. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि समझौता तभी होगा जब वह स्पष्ट और संतुलित होगा.
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पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप

India-US Trade Deal: भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील (India US Trade Deal) पर बात नहीं बन पाई है. भारत पहुंचे अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के बयान के बाद माना जा रहा था कि 13 जनवरी को दोनों देशों के बीच व्यापार के मुद्दे पर बातचीत होगी. लेकिन, अब रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि ऐसी कोई बातचीत निर्धारित नहीं है. दरअसल, सर्जियो गोर ने 13 जनवरी से आगे की बातचीत शुरू होने को लेकर बयान दिया था.

इसी बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान से व्यापार करने वाले देशों पर 25 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ लगाने का बड़ा ऐलान कर दिया है. ऐसे में ट्रंप की इस नई धमकी का असर भारत-चीन समेत कई देशों पर पड़ सकता है, जो ईरान से व्यापार करते हैं. ट्रंप ने पहले ही भारत पर 25 अतिरिक्त टैरिफ लगाया था, जिसके बाद कुल टैरिफ 50 फीसदी हो गया है.

  • दोनों देशों के बीच ट्रेड डील को लेकर चल रही बातचीत में ये अहम मुद्दा रहा है. पिछले महीने भारत के वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा था कि दोनों देश इसको लेकर जारी चिंताओं को दूर करने के बेहद करीब हैं.
  • सर्जियो गोर ने भी कहा था कि 13 जनवरी को बातचीत होगी. लेकिन, अब बिजनेस टुडे की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस सप्ताह अमेरिका के साथ ट्रेड डील को लेकर कोई बातचीत निर्धारित नहीं है.

दबाव में डील नहीं होगी साइन- गोयल

ट्रेड डील को लेकर हाल ही में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा था कि ट्रेड डील की पेचीदगियों को सार्वजनिक मंच पर नहीं बताया जाता है. उन्होंने कहा था कि हमें विदेशी बयानों के बजाय अपनी सरकार और बातचीत के प्रोसेस पर भरोसा करने की जरूरत है. साथ ही गोयल ने साफ किया था कि भारत किसी भी दबाव में आकर कोई डील साइन नहीं करेगा.

पीयूष गोयल ने कहा था कि जब तक भारत के किसानों, मछुआरों और MSME सेक्टर के हितों की पूरी सुरक्षा नहीं होती, तब तक हम कोई डील नहीं करेंगे. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि समझौता तभी होगा जब वह स्पष्ट और संतुलित होगा.

ट्रंप का अड़ियल रवैया

ट्रेड डील को लेकर भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से सहमति नहीं बन पा रही है. वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति के अड़ियल रवैये के कारण भी दोनों देशों के बीच संबंध प्रभावित हुए हैं. आए दिन ट्रंप भारत पर अतिरिक्त टैरिफ लगाने की धमकी देते रहे हैं. दरअसल, ट्रंप चाहते हैं कि भारत रूस से तेल न खरीदे, जबकि भारत सरकार ने साफ कर दिया है कि अपने देश के नागरिकों के हितों को ध्यान में रखा जाएगा और उन्हें सस्ता तेल मुहैया कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है.

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लुटनिक के बयान पर MEA ने क्या कहा?

दूसरी तरफ, अमेरिका के वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक ने एक पोडकास्ट में डील को लेकर बयान दिया था, जिसे भारतीय विदेश मंत्रालय ने खारिज कर दिया था. लुटनिक ने दावा किया था कि भारत और अमेरिका के बीच डील को लेकर सब कुछ फाइनल हो गया था, लेकिन पीएम मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप को फोन नहीं किया और इसलिए डील नहीं हो सकी.

लुटनिक के इस बयान को भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने खारिज करते हुए कहा था कि पिछले साल यानी 2025 में 8 बार पीएम मोदी और ट्रंप के बीच बातचीत हुई थी और इस दौरान उन्होंने द्विपक्षीय व्यापार समझौतों को लेकर अपनी-अपनी प्रतिबद्धता दोहराई थी. जायसवाल ने लुटनिक के इस बयान को गैर-जरूरी करार दिया था.

हालांकि, एक और पक्ष ये है कि 50 फीसदी टैरिफ के बावजूद, भारत से अमेरिका को होने वाला निर्यात कम नहीं हुआ है. अप्रैल-नवंबर के बीच भारत से अमेरिका को निर्यात 11.4% बढ़कर 59.04 अरब डॉलर हो गया. लेकिन ट्रेड डील नहीं होती तो निश्चित तौर पर भारतीय निर्यातकों पर अतिरिक्त बोझ बढ़ेगा.

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