खामेनेई की मौत पर भारत ने जताया शोक, ईरानी दूतावास में विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने शोक पुस्तिका में किए साइन
अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत पर भारत सरकार ने शोक जताया
Khamenei Death: ईरान और इजरायल के बीच युद्ध का आज छठा दिन है. इसी बीच भारत ने ईरान के सुप्रीम लीडर रहे अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत पर शोक जताया है. विदेश सचिव गुरुवार (5 मार्च) को नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास पहुंचे. मिसरी ने यहां शोक पुस्तिका में हस्ताक्षर किए और संवेदनाएं जताई.
PHOTO | Foreign Secretary Vikram Misri, on behalf of Government of India, signed the Condolence Book at the Embassy of Iran earlier today.
— Press Trust of India (@PTI_News) March 5, 2026
(Source: MEA XPD) pic.twitter.com/IZnBFwAatC
ईरान-इजरायल हमले में हुई थी मौत
अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और ईरान की संयुक्त कार्रवाई के दौरान हो गई थी. खामेनेई की मौत की खबर सबसे पहले यूएस प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया साइट ‘ट्रुथ सोशल’ पर दी थी. उन्होंने इसे ईरान की जनता के लिए देश पर नियंत्रण वापस पाने का सबसे बड़ा मौका बताया था.
ईरान और इजरायल ने मिलकर खामेनेई के कंपाउंड में 30 से ज्यादा मिसाइलें दागी थीं. इस हमले में खामेनेई की पत्नी भी घायल हो गई थी, जिनका इलाज के दौरान देहांत हो गया था. हमले की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि खामेनेई और उनकी पत्नी के अलावा बेटी-दामाद, बहू, पोती समेत 44 लोग मारे गए थे.
कौन थे अयातुल्ला अली खामेनेई?
अयातुल्ला अली खामेनई ईरान के दूसरे सर्वोच्च नेता रहे. खामेनेई के पास ये पद साल 1989 से 2026 तक रहा. वे 1981 से लेकर 1989 तक ईरान के राष्ट्रपति भी रहे. ईरानी शिया उलेमा और राजनेता माने जाते थे. इसके साथ ही वे अमेरिका के धुर विरोधी भी थे.
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यूएस ने ईरानी जहाज पर किया था हमला
यूएस ने बुधवार (4 मार्च) को भारत से लौट रहे ईरानी जहाज IRIS डेना पर हिंद महासागर में श्रीलंका तट के पास सबमरीन से अटैक किया था. इस हमले में जहाज डूब गया था. श्रीलंका की नौसेना के मुताबिक अब तक 87 शव बरामद किए गए हैं और 32 लोगों को बचा लिया गया है. समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार 60 लोग अब भी लापता है.