ध्वस्त किया जाएगा दिल्ला का जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम! 15 साल पहले 961 करोड़ रुपये हुए थे खर्च, फिर क्यों तोड़ने की हो रही बात?

Jawaharlal Nehru Stadium Demolition: जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम का निर्माण 1982 में किया गया था. इसका निर्माण एशियन गेम्स के लिए किया गया था. 60 हजार दर्शकों की क्षमता वाले इस स्टेडियम में कई बड़े कार्यक्रमों का आयोजन किया जा चुका है.
Jawaharlal Nehru Stadium demolition in Delhi planned for demolition after ₹1011 crore expenditure

दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम को ध्वस्त किया जाएगा.

JLN Stadium demolition: दिल्ली का जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम अब इतिहास बनने जा रहा है. खेल मंत्रालय ने इस ऐतिहासिक स्टेडियम को ध्वस्त करने का फैसला लिया है. 1982 में एशियाई गेम्स के लिए बनाया गया ये स्टेडिमय कई ऐतिहास पलों का गवाह बना है. 15 साल पहले 961 करोड़ की लागत से स्टेडियम का नवीनीकरण किया गया था. लेकिन सवाल उठता है कि आखिर अब इस स्टेडियम को तोड़ने की बात क्यों की जा रही है?

102 एकड़ में होगा आधुनिक स्पोर्ट्स सिटी का निर्माण

खेल मंत्रालय ने जवाहर लाल नेहरू स्टेडिमय को तोड़ने का फैसला लिया. ये फैसला इसलिए लिया गया है ताकि इसकी जमीन का इस्तेमाल करके आधुनिक स्पोर्ट्स सिटी बनाई जा सके. यह ग्राउंड अब 2036 में ओलंपिक की मेजबानी करेगा. इस स्पोर्ट्स सिटी परियोजना का मकसद दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय और हाईटेक खेल सुविधाओं से लैस करना है. खेल मंत्रालय की टीम ऑस्ट्रेलिया और कतर में मौजूद स्पोर्ट्स मॉडल के बारे में स्टडी कर रही है. इन अंतरराष्ट्रीय मॉडल को देखकर स्पोर्ट्स सिटी की डिजाइन और सुविधाओं को अंतिम रूप दिया जाएगा.

इन सुविधाओं से लैस होगी स्पोर्ट्स सिटी

नई स्पोर्ट्स सिटी में सभी प्रमुख खेलों के अलावा खिलाड़ियों के लिए भी सुविधा होगी. जिस तरह से अहमदाबाद के सरदार वल्लभ भाई पटेल स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स में क्रिकेट के साथ ही एथलेटिक्स और वॉटर स्पोर्ट्स समेत अन्य खेलों के लिए सुविधाएं हैं, उसी तरह से स्पोर्ट्स सिटी को बनाया जाएगा. हालांकि सूत्रों के मुताबिक इसमें हाईटेक सुविधाएं ज्यादा होंगी.

1982 में बनाया गया था स्टेडियम

जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम का निर्माण 1982 में किया गया था. इसका निर्माण एशियन गेम्स के लिए किया गया था. 60 हजार दर्शकों की क्षमता वाले इस स्टेडियम में कई बड़े कार्यक्रमों का आयोजन किया जा चुका है. यह स्टेडियम स्पोर्ट्स एक्टिविटी के अलावा स्वतंत्रा दिवस कार्यक्रम का भी साक्षी रहा है. 2010 में भारत ने कॉमनवेल्थ गेम की मेजबानी की थी. उस समय स्टेडियम का रेनोवेशन 961 करोड़ रुपये से किया गया था.

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