सड़क दुर्घटना के पीड़ितों को अब मिलेगा 1.5 लाख रुपये का मुफ्त इलाज, ड्राइविंग से लेकर बसों के बॉडी निर्माण के नियम सख्त

Nitin Gadkari: बैठक में 12 प्रमुख मुद्दों पर चर्चा हुई. इनमें नई ड्राइविंग ट्रेनिंग पॉलिसी शामिल है, जिसे 25 जनवरी 2025 से शुरू किया गया. देश में 22 लाख ड्राइवरों की कमी को देखते हुए विभिन्न राज्यों में ट्रेनिंग सेंटर खोले जाएंगे, ताकि कुशल ड्राइवर तैयार हों और विदेशों में भी रोजगार मिल सके.
Victims of road accidents will now receive free treatment worth Rs 1.5 lakh.

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का ऐलान, सड़क दुर्घटना के पीड़ितों को अब मिलेगा 1.5 लाख रुपये के मुफ्त इलाज

Nitin Gadkari: केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए बड़ी घोषणाएं की हैं. सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के परिवहन मंत्रियों की दो दिवसीय बैठक (7-8 जनवरी) के बाद गडकरी ने बताया कि सड़क दुर्घटना पीड़ितों को कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी. इस योजना के तहत दुर्घटना की सूचना पुलिस को 24 घंटे के अंदर देने पर घायल को सात दिनों तक अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज उपलब्ध कराया जाएगा. यह योजना पायलट प्रोजेक्ट के सफल परीक्षण के बाद मार्च तक पूरे देश में लागू की जाएगी.

मृतक के परिजनों को मिलेंगे 2 लाख रुपये

गडकरी ने हिट एंड रन मामलों में मृतक के परिवार को 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की भी घोषणा की, जबकि गंभीर चोट के मामलों में क्षतिपूर्ति 12 हजार से बढ़ाकर 50 हजार रुपये की जाएगी. उन्होंने बताया कि 2024 में सड़क दुर्घटनाओं में 1.8 लाख लोगों की मौत हुई, जिनमें 30 हजार हेलमेट न पहनने से और 18-34 आयु वर्ग के युवा सबसे अधिक प्रभावित रहे.

बैठक में 12 प्रमुख मुद्दों पर चर्चा हुई. इनमें नई ड्राइविंग ट्रेनिंग पॉलिसी शामिल है, जिसे 25 जनवरी 2025 से शुरू किया गया. देश में 22 लाख ड्राइवरों की कमी को देखते हुए विभिन्न राज्यों में ट्रेनिंग सेंटर खोले जाएंगे, ताकि कुशल ड्राइवर तैयार हों और विदेशों में भी रोजगार मिल सके.

इस साल 3.64 लाख वाहन स्क्रैप किए गए

अन्य सुधारों में वाहनों के लिए सेंट्रलाइज्ड सिस्टम, V2V तकनीक, दिव्यांग फ्रेंडली बसें (व्हीलचेयर, हाइड्रोलिक राम्प), रिवाइज्ड बस बॉडी कोड शामिल हैं. बसों में आग लगने की लगातार घटनाओं के बाद अब स्लीपर बसें केवल निर्माता कंपनियां बनाएंगी और इमरजेंसी एग्जिट, हथौड़ा, अलार्म अनिवार्य होंगे.

ये भी पढे़ं: भारत की पहली डिजिटल जनगणना में होगी जाति की भी गिनती, पहला चरण एक अप्रैल से 30 सितंबर तक होगा

स्क्रैपिंग पॉलिसी के तहत इस साल 3.64 लाख वाहन स्क्रैप किए गए, जिससे 70 लाख रोजगार सृजन का लक्ष्य है. गडकरी ने पराली से सड़क निर्माण की भी बात की. उन्होंने ‘जीरो फैटैलिटी डिस्ट्रिक्ट’ और सड़क सुरक्षा के लिए सभी से सहयोग की अपील की.

ज़रूर पढ़ें