Rahul Gandhi Petition: दिल्ली में सोमवार का दिन गहमा-गहमी भरा रहा. नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने विपक्षी नेताओं के साथ सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकाला. इसी दिन शाम में राहुल गांधी की लीगल टीम सुप्रीम कोर्ट पहुंची और स्पेशल इंटेसिव रिवीजन (SIR) के खिलाफ याचिका दायर की. देर शाम सामने आया कि ये याचिका लिस्ट नहीं हो सकी है. इसमें 14 खामियां पायी गईं.
याचिका में क्या-क्या खामियां मिलीं?
वोस्टर लिस्ट के SIR को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका सुनवाई के लिए सूचीबद्ध नहीं हुई है. रजिस्ट्री ने इसमें 14 खामियां पायी हैं. वकालतनामे पर कई नेता के हस्ताक्षर नहीं पाए गए. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के पहचान पत्र की स्पष्ट प्रति भी नहीं मिली. फीस में 220 रुपये की कमी मिली. ये याचिका संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत दायर की गई थी. इसके साथ ही चुनाव आयुक्तों को प्रतिवादी बनाया गया है. रजिस्ट्री ने पूछा है कि व्यक्तिगत तौर पर चुनाव आयुक्तों को प्रतिवादी क्यों बनाया गया?
किन नेताओं के हस्ताक्षर नहीं मिले?
रजिस्ट्री की आपत्तियों में वकालतनामे से जुड़ा मुद्दा अहम रहा. वकालतनामे में 9 नेताओं सौगत रॉय, अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव, संजय राउत, एम ए बेबी, डी राजा, महुआ माझी, सुप्रिया सुले और ईटी मोहम्मद बशीर के साइन नहीं मिले. अब सवाल आता है कि आखिरी वकालतनामा क्या होता है? ये वह दस्तावेज होता है, जिसकी मदद से कोई याचिकाकर्ता अपनी याचिका को दाखिल करने और पैरवी के लिए वकील को अधिकार देता है.
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सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्री ने मल्लिकार्जुन खड़गे के पहचान पत्र की स्पष्ट कॉपी की मांग की है, जो साफ और पढ़ने योग्य हो. इसके साथ ही 24 जून 2025 के फैसले और एसआईआर के दौरान वोटर लिस्ट से वोटर्स के नाम हटाए जाने से जुड़े दस्तावेजों की लिस्ट सॉफ्ट कॉपी में मांगी गई है.
