दिल्ली की सड़कों पर बीते एक हफ्ते से प्रदर्शनकारियों का जमावड़ा देखने को मिल रहा है. विपक्षी नेता और सीजेपी कार्यकर्ता दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं. इसी बीच गृह मंत्रालय की तरफ से बड़ा फैसला लिया है. इस फैसले के तहत अब जंतर-मंतर को सार्वजनिक प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटा दिया गया है. यानी कि अब जंतर-मंतर पर किसी को भी प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं है.
बुकिंग फुल, फीस भी 1 लाख पार
नए नियम के मुताबिक अब रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली स्थित सीबीडी ग्राउंड को विरोध प्रदर्शनों के लिए नए स्थल के रूप में तय किया गया है. लेकिन अब रामलीला मैदान में प्रदर्शन करना काफी मुश्किल और काफी महंगा पड़ सकता है. दरअसल मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो मैदान में अगले ढाई महीने तक बुकिंग के लिए एक भी तारीख खाली नहीं है. इसके अलावा बुकिंग की भारी-भरकम राशि भी एक लाख रुपये के ऊपर तक पहुंच सकती है.
जंतर-मंतर पर नहीं देनी होती थी फीस
गौरतलब है कि जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट करने के लिए किसी भी तरह का पेमेंट नहीं देना पड़ता था। लेकिन रामलीला मैदान में ऐसा नहीं है, यहाँ पर विरोध प्रदर्शन करने के लिए फीस चुकानी पड़ती है. वहीं यहाँ पर50,0000 लोगों के बैठने की कैपेसिटी है. रामलीला मैदान में 150 लोगों तक की सभाओं के लिए एक छोटा हिस्सा मुफ्त उपलब्ध रहता है.
कौन करता है बुकिंग?
यहां पर विरोध प्रदर्शन के लिए बुकिंग करने का काम दिल्ली नगर निगम का हॉर्टिकल्चर डिपार्टमेंट देखता है और इसके लिए दिल्ली पुलिस से ‘नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट’ (NOC) लेना जरूरी है. बता दें कि रामलीला मैदान में प्रदर्शन के लिए केवल 29, 30 और 31 दिसंबर की तारीख ही खाली है, जिन्हें बुक किया जा सकता है.
बुकिंग के बारे में अधिकारी ने दी जानकारी
एक अधिकारी ने जानकारी दी, ‘मैदान की बुकिंग दर 50,000 रुपये प्रति दिन है, इसके साथ ही 55,000 रुपये की सिक्योरिटी डिपॉजिट भी देनी होती है जो रिफंडेबल है. टैक्स को मिलाकर एक दिन की बुकिंग का शुरुआती खर्च लगभग 1.21 लाख रुपये बैठता है.’
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