RSS Shastra Puja: राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (RSS) ने नागपुर में विजयादशमी के मौके पर शस्त्र पूजन का आयोजन किया. जिसमें RSS प्रमुख मोहन भागवत शामिल होकर शस्त्र पूजन किए. नागपुर RSS का मुख्य कार्यालय होने की वजह से शस्त्र पूजन का यहीं आयोजन किया गया. शस्त्र पूजन कार्यक्रम के बाद RSS प्रमुख मोहन भागवत ने वहां पर उपस्थित लोगों को एक खास संदेश भी दिया. इस दौरान उन्होंने कैप्टन स्मित मछार का भी जिक्र किया और कहा कैप्टन स्मित ने जो किया वो हिंदू स्वभाव में है. पढ़ें मोहन भागवत ने क्या कहा?
RSS प्रमुख मोहन भागवत ने कहा, चाहे आप मंदिरों, मठों या गुरुद्वारों में जाएं, आपको एक जैसा ज्ञान और आध्यात्मिक मार्गदर्शन मिलेगा. भारतीय विचारधारा के दायरे में आप कहीं भी जाएं, आपको यही समझ मिलेगी. हर तरह की विविधता का सम्मान करें, उसे स्वीकार करें और सभी को सुरक्षा प्रदान करें. पीढ़ियों से यही हमारा स्वभाव रहा है. जीवन में जो कुछ भी बदलने योग्य है, उसे बदलते समय के साथ बदलना चाहिए, जबकि शाश्वत सत्य हमेशा अडिग रहने चाहिए.
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— Vistaar News (@VistaarNews) October 20, 2026
भारत को एकजुट और मजबूत बनाने का प्रयास
RSS प्रमुख ने कहा कि संघ के कार्य, जो 100 वर्षों से चल रहे हैं, वे ‘स्व’ को जगाने का काम करते हैं. इसी ‘स्व’ की भावना के आधार पर, भारत को एकजुट और मजबूत बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं. ‘स्वबोध’ की झलक संविधान की प्रस्तावना में मिलती है. ‘हम, भारत के लोग.’ ‘हम’ या ‘स्व’ की यही भावना हमारा वह भावनात्मक जुड़ाव है, जिसके कारण इतनी विविधताओं वाला देश प्राचीन काल से ही एक देश, एक समाज और एक राष्ट्र रहा है. जब हम इसे भूल गए, तो हमारा पतन हुआ. हम बंट गए और कमजोर हो गए, हम इतने नीचे गिर गए कि हमें सैकड़ों वर्षों तक उपनिवेशवाद को झेलना पड़ा.
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संत रविदास ने भक्ति का संदेश फैलाया
उन्होंने आगे कहा कि जब हमारा देश विदेशी आक्रमणकारियों के हमलों से जूझ रहा था, जब वे यहां ‘स्वधर्म’ का पालन करने वालों पर अत्याचार कर रहे थे और चारों ओर भय का माहौल था, तब संत रविदास ने ‘स्वधर्म निष्ठा’, सामाजिक समरसता और भक्ति का संदेश फैलाया. उन्होंने अपने स्वयं के जीवन का उदाहरण देकर उस समय के समाज को सांत्वना दी, उनका मनोबल बढ़ाया और साथ ही उनके गुणों को भी बनाए रखा.
