Nagpur WhatsApp Status Robbery: नागपुर की घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि सोशल मीडिया का दिखावा कितना भारी पड़ सकता है. जानें क्या है पूरा मामला.
महाराष्ट्र के नागपुर से धर्मांतरण का मामला सामने आया है. यहां नवविवाहिता के साथ पहले तो दुष्कर्म किया गया और बाद में ब्लैकमेल करते हुए धर्मांतरण करा दिया. घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है.
Nagpur Women Rape Blackmail Religion Pressure: महिला के पति जब अपनी ड्यूटी के वापस घर लौटे तो उसने अपनी आपबीती सुनाई. जिसके बाद पति ने थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने दुष्कर्म, जबरन वसूली, धर्मांतरण के प्रयास और काला जादू प्रतिबंध कानून की विभिन्न धाराओं के साथ मामला दर्ज कर लिया है.
Mohan Bhagwat: नागपुर में आयोजित कार्यक्रम में संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि भारत भारत निश्चित रूप से विश्व गुरु बनेगा और इस पर किसी को संदेह नहीं होना चाहिए.
Nitin Gadkari Speech: गडकरी ने साफ शब्दों में कहा कि धर्म, समाज सेवा और राजनीति को अलग-अलग रखना चाहिए. अगर धर्म को सत्ता के हाथों में सौंप दिया जाए, तो सिर्फ नुकसान ही होगा. उन्होंने चेतावनी दी कि जब नेता धर्म की आड़ में राजनीति करते हैं, तो विकास और रोजगार जैसे जरूरी मुद्दे किनारे हो जाते हैं.
Nitin Gadkari: गडकरी ने मुफ्त योजनाओं (फ्रीबीज) की संस्कृति पर भी कटाक्ष किया. उन्होंने कहा- 'राजनीति में फुकट का बाजार लगा रहता है, हर कोई सब कुछ मुफ्त में चाहता है, लेकिन मैं फोकट में कुछ नहीं देता.'
महाराष्ट्र के नागपुर में हुई हत्या ने एक बार फिर सोचने को मजबूर कर दिया है कि शादी के बाद पतियों की हत्या का ये सिलसिला कब थमेगा.
Bihar: अमित शाह के साथ सहकारिता विभाग के एक कार्यक्रम में नीतीश कुमार शामिल हुए थे. इस दौरान उन्होंने मंच से कहा कि दो बार गलती से इधर-उधर चले गए थे, लेकिन अब कहीं नहीं जाएंगे.
Nagpur violence: विक्की कौशल की फिल्म 'छावा' के रिलीज होने के बाद से ही महाराष्ट्र में औरंगजेब को लेकर विवाद बढ़ा हुआ है और महाराष्ट्र में औरंगजेब की कब्र को हटाने की मांग तेज होने लगी है.
कस्तूरबा नगर के लोग अक्कू यादव के व्यवहार से बहुत परेशान थे, लेकिन किसी में भी उसके खिलाफ बोलने या कार्रवाई करने की हिम्मत नहीं थी. असहनीय कलंक के बावजूद बलात्कार पीड़ितों ने पुलिस को अपराधों की सूचना दी. लेकिन उनकी शिकायतों को नजरअंदाज कर दिया गया. कहा जाता है कि वह नियमित रूप से सत्ता में बैठे लोगों को पैसे, शराब और अन्य प्रलोभनों से रिश्वत देता था, जिससे वह अछूत बन गया. यह सालों तक चलता रहा.