Supreme Court Writ Petition Hearing: विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़े चुनाव आयोग के फैसलों को चुनौती देते हुए कई याचिकाएं दायर की गई थीं. जिन पर आज यानी कि 27 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होने वाली थी. जिस पर अब दिवाली के बाद सुनवाई होगी. दूसरी तरफ सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को 10 दिन के भीतर हलफनामा में जवाब दाखिल करने के लिए समय दिया है.
सुनवाई के दौरान चुनाव आयोग की तरफ से कहा गया कि SIR से जुड़े तीनों आदेश आयोग के सभी सदस्यों की सहमति से लिए गए थे. आयोग ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर एकतरफा फैसले लेने के आरोपों को खारिज करते हुए याचिकाओं को निराधार बताया है.
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने वकील को अनर्गल तर्क देने पर चेतावनी दी. सीजेआई ने कहा कि मर्यादा पार करने पर इसके नतीजे भुगतने होंगे. आयोग ने याचिकाओं में लगाए गए आरोपों का खंडन करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का बचाव किया है. तो वहीं अभी चुनाव आयुक्तों डॉ. एसएस संधू तथा डॉ. विवेक जोशी की तरफ से अभी जवाब दाखिल नहीं किया गया है.
किन नेताओं ने दायर की है याचिका
चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ राहुल गांधी समेत 13 विपक्षी नेताओं ने 12 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकाला था. इसके बाद एक साथ कई याचिकाएं दायर की गईं थी. 15 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट में इस याचिका पर पहली सुनवाई हुई थी. वहीं 27 अक्टूबर के बाद अब दिवाली के बाद याचिकाओं पर सुनवाई की जाएगी.
विपक्षी सांसदों की मांग है कि SIR प्रक्रिया पर रोक लगे, चुनाव आयोग के फैसलों की जांच हो और रिकॉर्ड सार्वजनिक किए जाएं. उनका आरोप है कि आयोग के कुछ फैसले पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर सवाल खड़े करते हैं. हालांकि इसको सार्वजनिक करने से चुनाव आयोग पहले ही इनकार कर चुका है.
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