ट्विशा का परिवार शव की दोबारा पोस्टमार्टम करने की मांग कर रहा था. जिसके बाद हाई कोर्ट के आदेश पर दिल्ली एम्स से आई टीम ने भोपाल आकर रविवार को शव का पोस्टमार्टम किया.
इसके विपरीत, मुस्लिम संगठनों और कुछ धर्मनिरपेक्ष दलों का यह कहना है कि इस कानून को समाप्त करने से धार्मिक सौहार्द बिगड़ेगा. जमीयत उलमा-ए-हिंद ने इसे भारत की धर्मनिरपेक्षता और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण बताया है.