हिंदूवादी महिला नेता की हत्या का टास्क! आजमगढ़ से मोहम्मद शेख गिरफ्तार, ISI से जुड़े तार

suspected terrorist arrested: ATS ने आजमगढ़ से एक युवक को गिरफ्तार किया है, जिस पर पाकिस्तान समर्थित नेटवर्क से जुड़े होने का आरोप है. जांच एजेंसियों का दावा है कि उसे हिंदूवादी महिला नेता को निशाना बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी.
शहजाद भट्टी और मोहम्मद शेख

शहजाद भट्टी और मोहम्मद शेख

Suspected Terrorist Arrested: उत्तर प्रदेश में इन दिनों ATS की कार्रवाई चर्चा का विषय बनी हुई है. पिछले एक महीने के दौरान प्रदेशभर के अलग-अलग जिलों से गिरफ्तारियां की गई हैं. इसी के तहत ATS ने आजमगढ़ से एक युवक को गिरफ्तार कर एक बड़े आतंकी नेटवर्क का खुलासा करने का दावा किया है. जांच एजेंसियों के मुताबिक आरोपी पाकिस्तान में बैठे हैंडलरों और गैंगस्टर शहजाद भट्टी से जुड़े नेटवर्क के संपर्क में था. उस पर आरोप है कि उसे एक हिंदूवादी महिला नेता को निशाना बनाने की जिम्मेदारी दी गई थी.

ATS के अनुसार पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और उससे जुड़े नेटवर्क सोशल मीडिया के जरिए भारतीय युवाओं तक पहुंच रहे हैं. पहले उन्हें ऑनलाइन दोस्ती और बातचीत के जरिए अपने प्रभाव में लिया जाता है, फिर धीरे-धीरे कट्टरपंथी सोच की तरफ धकेला जाता है. जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार युवक भी इसी तरह इस नेटवर्क के संपर्क में आया था.

ट्रायल मिशन से हुई थी शुरुआत

जांच एजेंसियों का दावा है कि आरोपी को शुरुआत में एक ट्रायल मिशन दिया गया था. इस मिशन के तहत उसे एक हिंदूवादी महिला नेता को धमकाने और बाद में उनकी हत्या की साजिश को अंजाम देने के लिए तैयार किया जा रहा था. ATS का कहना है कि यह उसके लिए नेटवर्क की तरफ से वफादारी साबित करने का पहला बड़ा काम था.

छापेमारी में क्‍या-क्‍या मिला?

छापेमारी के दौरान आरोपी के पास से 9 एमएम पिस्टल, जिंदा कारतूस और मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं. एजेंसियां उसके फोन से मिले चैट, कॉल रिकॉर्ड, वीडियो और सोशल मीडिया अकाउंट की जांच कर रही हैं. शुरुआती जांच में विदेशी नंबरों और संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधियों के संकेत मिले हैं.

हर एंगल से हो रही जांच

ATS को शक है कि आरोपी अकेला नहीं था. जांच इस बात पर भी केंद्रित है कि उसके संपर्क में और कौन-कौन लोग थे तथा क्या वह अपने इलाके के अन्य युवाओं को भी इस नेटवर्क से जोड़ने की कोशिश कर रहा था. अधिकारियों का मानना है कि सोशल मीडिया के जरिए युवाओं की भर्ती कर उन्हें ‘स्लीपर सेल’ की तरह इस्तेमाल करने की कोशिश की जा रही थी.

सुरक्षा एजेंसियों ने आरोपी के खिलाफ UAPA, आर्म्स एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है. अब ATS अदालत से रिमांड लेकर उससे गहन पूछताछ करेगी, ताकि इस पूरे नेटवर्क, फंडिंग और भारत में मौजूद अन्य संदिग्ध संपर्कों का पता लगाया जा सके. एजेंसियों का कहना है कि समय रहते कार्रवाई होने से एक बड़ी साजिश नाकाम हो सकती है.

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