मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच गुड न्यूज! सरकार बोली- ‘LPG-LNG की कमी नहीं, एनर्जी सिक्योरिटी पर भारत निश्चिंत’

सरकारी सूत्रों के हवाले से जानकारी देते हुए बताया गया कि ऑस्ट्रेलिया और कनाडा ने भी भारत को गैस बेचने की पेशकश की है. भारत अन्य वैकल्पिक स्रोतों की भी तलाश कर रहा है.
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सांकेतिक तस्वीर.

Petrol & Diesel Rate: ईरान पर हमले के बाद मिडिल ईस्ट में युद्ध के कारण तेल की कीमतों को लेकर पूरी दुनिया में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है. कच्चे तेल को लेकर वैश्विक चिंताओं के बीच भारत सरकार का बड़ा बयान सामने आया है. सरकार की तरफ से कहा गया है कि ऊर्जा सुरक्षा के मामले में भारत की स्थिति बेहद मजबूत है. देश में पर्याप्त मात्रा में भंडारण की सुविधा उपलब्ध है.

‘LPG या LNG की कोई कमी नहीं’

सरकारी एजेंसी एएनआई ने सरकारी सूत्रों के हवाले से जानकारी देते हुए बताया कि अभी भी एलपीजी या एलएनजी की कीमतों को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं है. भारत के पास पर्याप्त मात्रा में भंडार की स्थिति संतोषजनक है. साथ ही गैस के लिए कतर के भरोसे नहीं है. भारत अन्य आपूर्तिकर्ताओं के साथ भी संपर्क में है. सरकार उन सभी बाजारों की तलाश कर रही है. जहां इस युद्ध का असर नहीं है.

ऑस्ट्रेलिया और कनाडा ने भी की पेशकश

सरकारी सूत्रों के हवाले से जानकारी देते हुए बताया गया कि ऑस्ट्रेलिया और कनाडा ने भी भारत को गैस बेचने की पेशकश की है. भारत अन्य वैकल्पिक स्रोतों की भी तलाश कर रहा है. हाल ही में भारत ने संयुक्त अरब अमीरात और अमेरिका के साथ एक नया करार किया है. भारत कच्चे तेल और एलपीजी की खरीद के लिए प्रमुख तेल उत्पादकों और व्यापारियों के साथ बातचीत कर रहा है.

दिन में दो बार भारत कर रहा समीक्षा

सरकारी सूत्रों के मुताबिक भारत 195 मिलियन वर्ग मीटर प्रति मीट्रिक टन गैस आयात करता है, जिसमें से कतर केवल 60 मिलियन वर्ग मीटर प्रति मीट्रिक टन की आपूर्ति करता है. भारत गैस खरीदने के लिए वैकल्पिक बाजारों की भी तलाश कर रहा है. भारत जहाजों के बीमा के लिए अमेरिका के साथ बातचीत कर रहा है. भारत दिन में दो बार ऊर्जा स्थिति की समीक्षा कर रहा है.

बता दें खाड़ी देशों में युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से बढ़ोत्तरी देखी गई है. लेकिन इसके बावजदू भारत में अभी तक पेट्रोल डीजल की कीमतों में कोई बढ़ोत्तरी नहीं की गई है.

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