पाकिस्तान के लिए अमेरिका के दरवाजे बंद! वीजा पर लगाया बैन, शुरू हुआ गिड़गिड़ाना

अमेरिका ने इमिग्रेंट वीजा बैन वाले जिन 75 देशों के वीजा पर बैन लगाया है. इनमें पाकिस्तान के अलावा सोमालिया, बांग्लादेश, नेपाल, ईरान, इराक और रूस जैसे देश शामिल है.
America banned Pakistani visas.

अमेरिका ने पाकिस्तान के वीजा को बैन किया.

America bans Pakistani visas: ऑपरेशन सिंदूर के बाद अमेरिका की तारीफ करने वाले पाकिस्तान के मुंह पर तमाचा पड़ा है. अमेरिका ने इमिग्रेंट वीजा बैन वाले 75 देशों की लिस्ट जारी की है. इसमें पाकिस्तान का नाम भी शामिल है. अमेरिका का ये फैसला 21 जनवरी 2026 से प्रभावी हो जाएगा. इसका मतलब ये हुआ कि पाकिस्तान के लोगों के लिए अब अमेरिका में स्थायी निवास के रास्ते पूरी तरह बंद हो गए हैं.

पाकिस्तान ने शुरू किया गिड़गिड़ाना!

वहीं वीजा पर बैन लगने के बाद अब पाकिस्तान ने प्रतिक्रिया दी है. पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ताहिर अंद्राबी ने कहा कि हम आगे की जानकारी जुटाने के लिए अमेरिकी अधिकारियों के संपर्क में हैं. ताहिर ने कहा, ‘हम उम्मीद करते हैं कि आप्रवासी वीजा की नियमित प्रक्रिया जल्द ही फिर से शुरू हो जाएगी.’

अमेरिका ने इन 75 देशों के वीजा पर अनिश्चितकाल के लिए रोक लगाई है. इसको लेकर अमेरिका की तरफ से कोई स्पष्ट अवधि नहीं है, लेकिन यूएस का कहना है कि जब तक ये सुनिश्चित नहीं हो जाता कि बाहरी लोग अमेरिका के संसाधनों का दुरुपयोग नहीं कर रहे, तब तक ये बैन जारी रहेगा.

‘प्रवासी कल्याणकारी योजनाों का दुरुपयोग करते हैं’

75 देशों के वीजा पर बैन लगाने को लेकर अमेरिका के विदेश मंत्रायल की तरफ से जानकारी दी गई है. अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने ट्वीट करके लिखा, ’75 देशों पर वीजा बैन लगाने को लेकर अमेरिकी विदेश विभाग उन 75 देशों के अप्रवासी वीजा प्रसंस्करण को रोक देगा. जिनके प्रवासी अमेरिकी जनता से अस्वीकार्य दर से कल्याणकारी योजनाओं का दुरुपयोग करते हैं. यह रोक तब तक लागू रहेगी, जब तक अमेरिका यह सुनिश्चित नहीं कर लेता कि नए अप्रवासी अमेरिकी जनता से धन का दोहन नहीं करेंगे.’

रूस और ईरान का नाम भी शामिल

अमेरिका ने इमिग्रेंट वीजा बैन वाले जिन 75 देशों के वीजा पर बैन लगाया है. इनमें पाकिस्तान के अलावा सोमालिया, बांग्लादेश, नेपाल, ईरान, इराक और रूस जैसे देश शामिल है. इसके पहले नवंबर में व्हाइट हाउस के पास एक अफगान नागरिक ने गोलीबारी की थी. इसके बाद डोनाल्ड ट्रंप ने तीसरी दुनिया के देशों से नागरिकों के आगमन को स्थायी रूप से रोकने का वादा किया था.

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