Uttarakhand Avalanche में रेस्क्यू हुए 4 मजदूरों की मौत, सेना का बचाव अभियान अब भी जारी

Uttarakhand Avalanche: बर्फ में दबे 50 मजदूरों को बाहर निकाल लिया गया है. जिसमें से इलाज के दौरान 4 मजदूरों ने दम तोड़ दिया है. उत्तराखंड एवलांच में दबे मजदूरों को निकालने के लिए सेना का रेस्क्यू ऑपरेशन शनिवार को भी जारी है.
Uttarakhand Avalanche

Uttarakhand Avalanche: उत्तराखंड के चमोली जिले के माणा गांव में शुक्रवार को ग्लैशियर टूटने से 57 मजदूर बर्फ में दब गए थे. जिसके बाद लगातार मजदूरों को निकालने के लिए बचाव अभियान चलाया जा रहा है. अब इसे लेकर खबर सामने आई है कि बर्फ में दबे 50 मजदूरों को बाहर निकाल लिया गया है. जिसमें से इलाज के दौरान 4 मजदूरों ने दम तोड़ दिया है. उत्तराखंड एवलांच में दबे मजदूरों को निकालने के लिए सेना का रेस्क्यू ऑपरेशन शनिवार को भी जारी है.

शुक्रवार को आई इस बर्फीली तबाही में 55 मजदूर दब गए थे. यह सभी मजदूर सीमा सड़क संगठन (BRO) से जुड़े हुए थे और सड़क बनाने का काम कर रहे थे. कल खराब मौसम के चलते रेस्क्यू ऑपरेशन में काफी परेशानी आई. हेलीकॉप्टर को भी आने की अनुमति नहीं दी गई. इसके बाद आज हालात सुधरने पर माणा में हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया और तीन घायल मजदूरों को हेलीकॉप्टर से जोशीमठ स्थित मिलिट्री अस्पताल पहुंचाया गया.

अगले साल यानी 2026 में पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव होने हैं. इसी बीच बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने गुरुवार, 27 फरवरी को बड़ा दावा करते हुए कहा- ‘बंगाल में फर्जी वोटर कार्ड बनाने के लिए दो एजेंसियां भेजी गई हैं.’ सीएम ममता का ये आरोप बीजेपी पर था. मगर अब इंडी गठबंधन के नेता ही इस मामले में खुद ममता पर आरोप लगा रहे हैं. कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने ममता को फर्जी वोटर बनाने में माहिर बताया है.

फर्जी वोटर कार्ड पर कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा- ‘यहां पर लाखों की संख्या में फर्जी वोटर हैं, जहां सत्तारूढ़ पार्टी धांधली करती है, चाहे वो महाराष्ट्र हो या बंगाल हो, वहां आपको फर्जी वोटर जरूर मिलेंगे और एक नहीं लाखों की संख्या में मिलेंगे. बंगाल की सरकार फर्जी वोटर बनाने में माहिर है आज से नहीं कई सालों से, इसलिए यहां पर फर्जी वोटर भरे हुए हैं.’

आशा कार्यकर्ताओं के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया. आशा कार्यकर्ताओं का विरोध प्रदर्शन 22वें दिन भी जारी रहा. वे अपना मानदेय बढ़ाकर 21,000 रुपये करने और सेवानिवृत्ति लाभ के रूप में 5 लाख रुपये देने की मांग कर रही हैं.

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