Maha Kumbh पर यूपी विधानसभा में घमासान, सीएम योगी बोले- चुपचाप डुबकी लगाकर चले आए अखिलेश
सीएम योगी आदित्यनाथ
उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन भी सदन में जमकर हंगामा हुआ. वहीं महाकुंभ (Maha Kumbh 2025) को लेकर विपक्ष के आरोपों पर सदन में सीएम योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने जोरदार पलटवार किया. सीएम योगी ने कहा महाकुंभ को लेकर विपक्ष ने गैरजिम्मेदाराना बयान दिए. सनातन को बदनाम करने वालों ने दुष्प्रचार किया, महाकुंभ को बदनाम करने की साजिश हुई है. योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महाकुंभ सरकार का आयोजन नहीं है बल्कि, सरकार इसे पीछे से सहयोग दे रही है. महाकुंभ में हमारी भूमिका सेवक की है.
महाकुंभ को लेकर अखिलेश यादव ने लगातार सवाल उठाए हैं. उनके बयान पर सीएम योगी ने कहा कि विपक्ष के नाते समाजवादी पार्टी की मजबूरी है कि वे विरोध करें, लेकिन उनकी सोच संक्रमित हो गई है. सीएम योगी ने कहा कि झूठे वीडियो दिखाए गए, दुष्प्रचार किए गए. ये करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ है. अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए सीएम योगी ने कहा कि वे चुपके-चुपके संगम में डुबकी लगाकर चले आए. अच्छा होता पूरे परिवार को भी लेकर जाते.
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, “मेरी इच्छा थी कि महाकुंभ के आयोजन के दौरान एक दिन हम सत्र(बजट) का आयोजन प्रयागराज में ही क्यों ना करें. लेकिन मुझे मालूम था कि सपा इसका विरोध करेगी. सपा किसी अच्छे काम का कभी समर्थन नहीं कर सकती.”
संगम का जल पूरी तरह स्वच्छ- सीएम योगी
वहीं उन्होंने संगम के जल की स्वच्छता को लेकर भी बयान दिया. योगी आदित्यनाथ ने कहा कि संगम का जल आचमन करने लायक भी है और स्नान करने लायक भी है. महाकुंभ में भगदड़ पर सदन में बोलते हुए सीएम योगी ने कहा, ‘हमारी संवेदनाएं 29 जनवरी को हुई भगदड़ के शिकार लोगों के साथ हैं… और कुंभ जाते समय सड़क हादसों में जान गंवाने वालों के साथ है. हमारी संवेदनाएं उनके परिजनों के साथ हैं, सरकार उनके साथ खड़ी है, सरकार उनकी हरसंभव मदद करेगी लेकिन इस पर राजनीति करना कितना उचित है?’
ये भी पढ़ें: ममता बनर्जी ने महाकुंभ को बताया ‘मृत्यु कुंभ’ तो भड़के अनिल विज, ‘दीदी’ के समर्थन में आए अखिलेश
इसके पहले, मंगलवार को भी सीएम योगी ने विधानसभा में विपक्ष पर जमकर निशाना साधा था. उन्होंने कहा था कि ये लोग हमेशा हर अच्छे कार्य का विरोध करते हैं, जो समाज और राज्य के हित में हो. मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा था, “यह दोहरे मापदंड की राजनीति है. आप खुद तो अपने बच्चों को इंग्लिश मीडियम में पढ़ाना चाहते हैं, लेकिन दूसरों के बच्चों के लिए उर्दू को ज़रूरी बनाना चाहते हैं. क्या यह सही है? आप मौलवी बनाना चाहते हैं, कठमुल्लापन की ओर समाज को ले जाना चाहते हैं.”