एमपी में नई ‘विद्वान जनता पार्टी’ का ऐलान, मंत्री के चैलेंज के बाद चुनावी मैदान में उतरेंगे शिक्षक, जानें मामला

लंबे समय से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे कॉलेज के अतिथि विद्वानों ने खुद की एक नई राजनीतिक पार्टी बनाने का ऐलान किया है.
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प्रदर्शन कर रहे अतिथि विद्वान

मध्य प्रदेश में राजनीतिक हलचलों का दौर जारी है. हाल ही में एक नई राजनीतिक पार्टी का ऐलान हुआ है. प्रदेश में लंबे समय से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे कॉलेज के अतिथि विद्वानों ने खुद की एक नई राजनीतिक पार्टी ‘विद्वान जनता पार्टी’ (VJP) बनाने का ऐलान कर दिया है. इस ऐलान के साथ ही शिक्षकों के आंदोलन ने अब एक बेहद दिलचस्प और राजनीतिक मोड़ ले लिया है.

टीचरों की नई राजनीतिक पार्टी बनाने के ऐलान के पीछे उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार की कथित विवादित चुनौती है. इसमें उन्होंने नाराज शिक्षकों को पार्टी बनाकर चुनाव लड़ने की चुनौती दी थी. दरअसल लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों ने उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार से मिलकर नियमितीकरण की गुहार लगाई थी.

मंत्री ने दी थी चुनौती

इसी दौरान मंत्री ने उन्हें चुनौती दी थी और कहा था कि अगर वे सरकार से नाखुश हैं तो खुद की राजनीतिक पार्टी बनाकर सीधे चुनाव क्यों नहीं लड़ लेते. इस बयान के बाद भोपाल में मंत्री के सरकारी आवास के बाहर प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों ने इस चुनौती को खुले तौर पर स्वीकार कर लिया है.

महिला फैकल्टी उतर रही हैं मैदान में

विरोध प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों ने पार्टी बनाने का ऐलान करते हुए कहा है कि इसके अलावा अब उनके पास कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा है. खास बात यह है कि इस मुहिम में महिला फैकल्टी भी बढ़-चढ़कर चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी कर रही हैं.

क्या है अतिथि विद्वानों की मांग?

शिक्षकों की मुख्य शिकायत यह है कि वर्तमान ‘फॉल-आउट’ व्यवस्था के कारण जैसे ही कोई नियमित प्रोफेसर कॉलेज में आता है या ट्रांसफर होकर आता है, अतिथि विद्वान की सेवाएं स्वतः समाप्त हो जाती हैं, जिससे उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाता है.

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