Bhopal: MP में स्वाइन फ्लू का खतरा, भोपाल में 6 केस आए सामने और इंदौर में हुई पहली मौत
फाइल फोटो
Bhopal Swine Flu Cases Rise: मौसम में बदलाव के बीच राजधानी भोपाल में वायरल और श्वसन संक्रमण (रेस्पिरेटरी इन्फेक्शन) का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है. जानकारी के मुताबिक शहर के जेपी, हमीदिया और एम्स की ओपीडी में रोजाना करीब 10 हजार मरीज पहुंच रहे हैं. इनमें से 60 प्रतिशत मरीज गले में खराश, खांसी, बुखार, नाक बहने और थकान जैसी समस्याओं से पीड़ित हैं.
रोज करीब 6 हजार मरीज
यानी की रोज करीब 6 हजार मरीज शहर के अस्पतालों में पहुंच रहे हैं. सबसे बड़ी समस्या तो ये है कि गांधी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) में एच1एन1 जांच किट खत्म हो चुकी है और एम्स में भी इसकी जांच नहीं हो पा रही है. दिल्ली की बात करें तो साल 2026 में अभी तक 1,344 मामले सामने आए हैं वहीं बेंगलुरू में स्वाइन फ्लू के लक्षणों से 500 छात्र और 21 कर्मचारी बीमार हुए हैं.
इंदौर में हुई 1 मौत
उज्जैन में स्वाइन फ्लू का मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है. ऋषि नगर एक्सटेंशन निवासी 60 वर्षीय सरोज नागर की H1N1 संक्रमण के चलते मौत हो गई. उनका इंदौर के अस्पताल में उपचार चल रहा था. जानकारी के अनुसार, 31 जुलाई को तबीयत बिगड़ने के बाद परिजनों ने उन्हें उज्जैन के निजी अस्पताल में भर्ती कराया था.
हालत गंभीर होने पर उन्हें इंदौर रेफर किया गया, जहां 3 अगस्त को जांच में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई. करीब 16 दिनों तक इलाज के बाद बुधवार को उनकी मौत हो गई.
स्वाइन फ्लू के लक्षण
स्वाइन फ्लू में बुखार, खांसी, गले में खराश, बदन दर्द और सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं. बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों में संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है. महिला की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग के सामने अब फ्लू जैसे लक्षण वाले मरीजों की निगरानी, समय पर जांच और लोगों को संक्रमण से बचाव के प्रति जागरूक करने की चुनौती है.
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