CM Mohan Yadav Meets Tushar Mehta: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव दिल्ली दौरे पर हैं. सीएम ने मंगलवार को सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से मुलाकात की. एमपी हाई कोर्ट से 27 फीसदी ओबीसी आरक्षण कानून रद्द होने के बाद अब राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट का रुख कर सकती है. तुषार मेहता से चर्चा इस मामले में अहम मानी जा रही है.
सीएम ने एक्स पर दी जानकारी
तुषार मेहता से मुलाकात के बारे में सीएम मोहन यादव ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर पोस्ट करके जानकारी दी. उन्होंने लिखा कि आज नई दिल्ली में भारत के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता एवं प्रदेश के महाधिवक्ता प्रशांत सिंह के साथ ओबीसी आरक्षण को लेकर माननीय उच्च न्यायालय के निर्णय से जुड़े विधिक पहलुओं और आगामी कानूनी कार्यवाही की रणनीति पर विस्तृत चर्चा की.
आज नई दिल्ली में भारत के सॉलिसिटर जनरल श्री तुषार मेहता जी एवं प्रदेश के महाधिवक्ता श्री प्रशांत सिंह जी के साथ ओबीसी आरक्षण को लेकर माननीय उच्च न्यायालय के निर्णय से जुड़े विधिक पहलुओं और आगामी कानूनी कार्यवाही की रणनीति पर विस्तृत चर्चा की। https://t.co/YVXHK3oF8m
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) October 13, 2026
सुप्रीम कोर्ट जाएगी राज्य सरकार
हाई कोर्ट से निराशा हाथ मिलने के बाद मध्य प्रदेश सरकार सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकती है. यही कारण है कि सीएम मोहन यादव और सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के बीच हुई मुलाकात को अहम माना जा रहा है. इस मुद्दे पर जल्द ही सर्वदलीय बैठक बुलाई जा सकती है. बताया जा रहा है कि जातिगत जनगणना के नतीजों का इंतजार किया जा रहा है.
ये भी पढ़ें: Sehore: आदिवासी परिवार के घरों को तोड़ने का मामला, CM मोहन यादव ने दिए जांच के आदेश
13 फीसदी पद होल्ड होते थे
उच्च न्यायालय ने 9 अक्टूबर को सुनवाई करते हुए 27 फीसदी ओबीसी आरक्षण कानून को रद्द कर दिया था. इसे कांग्रेस की कमलनाथ सरकार ने साल 2019 में लाया था. इसके तहत ओबीसी अभ्यर्थियों को साल 2022 तक सरकारी नौकरी की भर्तियों में लाभ दिया गया. हर भर्ती ओबीसी वर्ग के 13 प्रतिशत पदों को होल्ड कर दिया जाता था.
