MP Junior Doctors Stipend: मध्य प्रदेश सरकार ने जूनियर डॉक्टर्स को बड़ी सौगात दी है. चिकित्सा महाविद्यालयों में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई करने वाले जूनियर डॉक्टर्स के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी की है. इसके लिए लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग ने आदेश जारी कर दिया है. वित्त विभाग से सहमति मिलने के बाद स्टाइपेंड को लागू किया जाएगा.
जूनियर डॉक्टर्स को कितना स्टाइपेंड मिलेगा?
चिकित्सा विभाग की ओर से जारी आदेश में 4.46 फीसदी की बढ़ोतरी की बात कही गई है. पीजी प्रथम वर्ष का स्टाइपेंड 81 हजार 126 रुपये कर दिया गया है, जो पहले 77662 रुपये था. वहीं, सेकंड ईयर का स्टाइपेंड 83620 रुपये हो गया है, जो पहले 80050 रुपये था. तीसरे वर्ष का स्टाइपेंड अब 86118 रुपये कर दिया गया है. ये पहले 82441 रुपये था. फाइनेंस डिपार्टमेंट की सहमति के बाद इसे लागू किया जाएगा.
सीनियर और जूनियर रेसीडेंट का मानदेय बढ़ा
सीनियर और जूनियर रेसीडेंट डॉक्टर का भी मानदेय बढ़ा दिया गया है. अब सीनियर रेसीडेंट 90 हजार 803 रुपये के स्थान पर 94853 रुपये स्टाइपेंड दिया जाएगा. वहीं, जूनियर रेसीडेंट का स्टाइपेंड 63324 रुपये से 66 हजार 148 रुपये कर दिया गया है.
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जूनियर डॉक्टर्स ने किया था प्रदर्शन
जूनियर डॉक्टर्स ने स्टाइपेंड में बढ़ोतरी को लेकर प्रदर्शन किया था. अब स्टाइपेंड को बढ़ा दिया गया है. चिकित्सा महाविद्यालयों में सुपर स्पेशियलिटी की पढ़ाई करने वाले छात्रों को इसका लाभ मिला है. इसे आर्थिक राहत के तौर पर देखा जा रहा है. स्टाइपेंड की नई दरों को 1 अप्रैल 2026 से लागू किया जाता है.
