Sehore: आजादी के 8 दशक बाद भी नहीं सुधरा हाल, सड़क न होने से नहीं हो रही युवाओं की शादी! गांव में बिजली भी नहीं पहुंची

Sehore: विकास के बड़े-बड़े दावों के बीच मध्य प्रदेश के सीहोर जिले की ग्राम पंचायत नयापुरा कराड़िया भील की ये कहानी की आपकी आंखे खोल देगी.
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ग्रामीणों की तस्वीर

Sehore: विकास के बड़े-बड़े दावों के बीच मध्य प्रदेश के सीहोर जिले की ग्राम पंचायत नयापुरा कराड़िया भील की ये कहानी की आपकी आंखे खोल देगी. आजादी के बाद से ये लगातार लगातार अपनी बदहाली को कोस रहा है. इस गांव में न तो सड़क और न बिजली और न ही कुछ बुनियादी सुविधाएं. आज भी इस गांव में रहने वाले करीब 450 लोग मात्र 2 किमी पक्की सड़क के लिए तरस रहे हैं.

अब भी सड़क का इंतजार

ग्रामीणों का कहना है कि उनके दादा, पिता और अब उनकी पीढ़ी भी पक्की सड़क बनने का इंतजार कर रही है. गांव में सबसे ज्यादा दिक्कत तो बारिश के मौसम में होती है जब बच्चों को स्कूल जाने के लिए रोज कीचड़ से सनकर जाना पड़ता है. इस गांव में अगर कोई बीमार पड़ जाए तो एंबुलेंस और जननी एक्सप्रेस जैसी सेवाओं का तो पहुंचना भी मुमकिन नहीं हैं. अगर किसी मरीज की हालत बिगड़ जाती है तो उसे चारपाई पर रखकर मेन सड़क तक ले जाना पड़ता है.

युवाओं की नहीं हो रही शादी

ग्रामीणों के अनुसार गांव के 40 से अधिक युवक आज भी अविवाहित हैं. जब रिश्ते लेकर लोग गांव आते हैं और यहां की बदहाल सड़क, कीचड़ और मूलभूत सुविधाओं का अभाव देखते हैं तो बिना रिश्ता तय किए ही लौट जाते हैं. ग्रामीणों का कहना है कि सड़क नहीं होने का खामियाजा अब सामाजिक जीवन पर भी पड़ रहा है.

खंभे तो लग गए लेकिन लाइन नहीं डली

गांव में बिजली व्यवस्था भी ऐसी है की पूछो ही मत, खंभे तो लग गए हैं लेकिन उनपर लाइन नहीं डाली गई है. मजबूरी में ग्रामीणों ने अपने स्तर पर बिजली के तार बिछाए हैं जिनसे कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है. पिछले चार महीनों से बिजली के केबलें जमीन पर पड़ी हुई है. कई बार शिकायत करने पर भी उन्हें खंभों पर नहीं लगाया गया है.

आंदोलन की दी चेतावनी

जब भी ग्रामीण सरकारी दफ्तरों या नेताओं के पास शिकायत लेकर जाते है तो दोनों जगहों उन्हें आश्वासन दे कर वापस कर दिया जाता है. ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़क निर्माण, बिजली लाइन जोड़ने और अन्य मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था नहीं की गई तो वे प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ आंदोलन करने को मजबूर होंगे.

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