Bhopal News: भोपाल में चल रहे इंटर्न डॉक्टरों के आंदोलन में सोमवार रात में लाठीचार्ज का मामला सामने आया था. इस मामले में प्रदर्शनकारी इंटर्न डॉक्टरों ने वाटर कैनन और लाठीचार्ज करने वाले पुलिसकर्मियों पर जांच के बाद कार्रवाई करने की मांग की थी. अब घटना पर इस पूरे मामले में 2 पुलिसकर्मी को लाइन अटैच किया गया है. वहीं लाठीचार्ज की की जांच अब गृह सचिव करेंगे.
स्वास्थ्य मंत्री से हो रही चर्चा
राजधानी में इंटर्न डॉक्टर्स के धरने का आज तीसरा दिन है. धरने पर बैठे इंटर्न डॉक्टरों से मिलने कलेक्टर प्रियंक मिश्रा पहुंचे हैं. इंटर्न डॉक्टरों का डेलिगेशन से वल्लभ भवन में लगातार चर्चा कर रहा है. कल बल प्रयोग को लेकर प्रशासन ने जांच के आदेश दिए थे, जिसके बाद आज 2 पुलिसकर्मी को लाइन अटैच भी कर दिया गया है. बताया जा रहा है कि कलेक्टर की समझाइश के बाद बातचीत करने डेलिगेशन पहुंचा है. स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल से चर्चा हो रही है.
कल नहीं बनी सहमति
कल देर रात भी भोपाल कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने गांधी मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टरों के प्रतिनिधिमंडल से बातचीत की थी. स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग पर चर्चा हुई, लेकिन सहमति नहीं बन पाई. बातचीत के बाद कलेक्टर ने कहा कि छात्रों की बात प्रतिनिधियों से हो रही है, अब चर्चा को सकारात्मक रूप से देखना चाहिए.
कलेक्टर ने आगे कहा कि एक बार चर्चा अच्छे से हो जाए. उन्होंने कहा कि डॉक्टरों को समझना चाहिए कि सरकार उनकी पालक है. वे सरकार से अपेक्षा भी करते हैं और सरकार के प्रति नाराजगी भी व्यक्त करते हैं.
पूरे प्रदेश में हड़ताल
आज प्रदेशभर में सरकारी कॉलेजों के MBBS इंटर्न डॉक्टर और जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर हैं. इस आंदोलन का असर पूरे प्रदेश में देखने को मिल रहा है. प्रदर्शन का असर ओपीडी सेवाओं पर भी पड़ता दिखाई दे रहा है.
जबलपुर में भी एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टरों ने पुलिस की लाठीचार्ज और स्टाइपेंड में वृद्धि की मांग को लेकर नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल के जूनियर डॉक्टरों ने काम बंद करके हड़ताल शुरू कर दी. डीन कार्यलय के सामने जुडा जमा होकर अपनी मांग रख रहे हैं. वहीं इंदौर के बड़े सरकारी अस्पताल एमवा के बाहर भी प्रदर्शन चल रहा है, जिसका असर ओपीडी सेवाओं पर दिखाई दे रहा है.
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