भोपाल में जूनियर डॉक्टर्स की हड़ताल खत्म, सरकार 50 प्रतिशत स्टाइपेंड बढ़ाने पर सहमत
डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने इंटर्न डॉक्टरों से की मुलाकात
Bhopal News: भोपाल में इंटर्न डॉक्टर्स का धरना तीसरे दिन खत्म हो गया है. इसका ऐलान इंटर डॉक्टरों और डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल की मौजूदगी में प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया गया. इसके पहले, धरने पर बैठे इंटर्न डॉक्टरों से मिलने कलेक्टर प्रियंक मिश्रा पहुंचे थे. इंटर्न डॉक्टरों के डेलिगेशन और डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल के बीच बातचीत हुई, इसके बाद दोनाें पक्षों में सहमति बन गई है. सरकार और डेलिगेशन के बीच बातचीत के बाद 21 हजार 500 रुपये स्टाइपेंड (50 फीसदी) पर बात बनी है. बैठक जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन के पदाधिकारी, ABVP, टीचर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष की मौजूदगी में डॉक्टर के डेलिगेशन से डिप्टी सीएम की बातचीत हुई.

इससे पहले सरकार ने प्रदर्शन कर रहे MBBS इंटर्न डॉक्टरों को उनके माजूदा स्टाइपेंड 14,337 रुपये से बढ़ाकर 18,500 करने का प्रस्ताव दिया था, जिस पर इंटर्न डॉक्टर्स सहमत नहीं हुए थे और अपनी मांग पर अंड़े हुए थे.
डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि छात्रों के ऊपर हुई लाठीचार्ज पर सीएम ने नाराजगी व्यक्त की है. छात्र अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे. CM ने कहा छात्रों की मांगों पर बैठकर समाधान निकाला जा सकता है. दो पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच भी कर दिया गया है. जिससे की भविष्य में इस प्रकार की पुलिस कार्रवाई न हो.
2 पुलिसकर्मी लाइन अटैच
भोपाल में चल रहे इंटर्न डॉक्टरों के आंदोलन में सोमवार रात में लाठीचार्ज का मामला सामने आया था. इस मामले में प्रदर्शनकारी इंटर्न डॉक्टरों ने वाटर कैनन और लाठीचार्ज करने वाले पुलिसकर्मियों पर जांच के बाद कार्रवाई करने की मांग की थी. अब घटना पर इस पूरे मामले में 2 पुलिसकर्मी को लाइन अटैच किया गया है. वहीं लाठीचार्ज की की जांच अब गृह सचिव करेंगे.
कल नहीं बनी सहमति
कल देर रात भी भोपाल कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने गांधी मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टरों के प्रतिनिधिमंडल से बातचीत की थी. स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग पर चर्चा हुई, लेकिन सहमति नहीं बन पाई. बातचीत के बाद कलेक्टर ने कहा कि छात्रों की बात प्रतिनिधियों से हो रही है, अब चर्चा को सकारात्मक रूप से देखना चाहिए.
कलेक्टर ने आगे कहा कि एक बार चर्चा अच्छे से हो जाए. उन्होंने कहा कि डॉक्टरों को समझना चाहिए कि सरकार उनकी पालक है. वे सरकार से अपेक्षा भी करते हैं और सरकार के प्रति नाराजगी भी व्यक्त करते हैं.
पूरे प्रदेश में हड़ताल
आज प्रदेशभर में सरकारी कॉलेजों के MBBS इंटर्न डॉक्टर और जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर हैं. इस आंदोलन का असर पूरे प्रदेश में देखने को मिल रहा है. प्रदर्शन का असर ओपीडी सेवाओं पर भी पड़ता दिखाई दे रहा है.
जबलपुर में भी एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टरों ने पुलिस की लाठीचार्ज और स्टाइपेंड में वृद्धि की मांग को लेकर नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल के जूनियर डॉक्टरों ने काम बंद करके हड़ताल शुरू कर दी. डीन कार्यलय के सामने जुडा जमा होकर अपनी मांग रख रहे हैं. वहीं इंदौर के बड़े सरकारी अस्पताल एमवा के बाहर भी प्रदर्शन चल रहा है, जिसका असर ओपीडी सेवाओं पर दिखाई दे रहा है.
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