एमपी में ओलावृष्टि से किसानों की फसलें बर्बाद, जानिए मुआवजे को लेकर सरकार ने क्या कहा
मुख्यमंत्री मोहन यादव(File Photo)
MP News: मध्य प्रदेश में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की फसलों को नुक़सान पहुँचा है. गेहूं की फसल लगभग चौपट हो गई है. भोपाल ज़िले के आसपास किसानों की फ़सलें खेतों में बिखरी पड़ी हुई हैं. फसलों के ख़राब होने को लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि अधिकारियों को निर्देश दे दिए हैं कि जहां-जहां नुक़सान हुआ है उन सभी के आकलन की रिपोर्ट पेश करें.
ओलावृष्टि से किसानों की फसलें चौपट
ओलावृष्टि ने किसानों की फसलें पूरी तरह से तबाह कर दी है. भोपाल में बैरसिया के पास झिड़ियाकला गांव में किसानों की गेहूं की फ़सलें बर्बाद हो गई हैं. किसान की 6 एकड़ खेत में लगी गेहूं की फसल पूरी तरह से में मिट्टी में गई है. किसानों ने कहा कि अब तो लागत भी नहीं निकलेगी. फसल इस तरह से ख़राब हुई है कि गेहूं की बालियां गायों के चारा लायक भी नहीं बची हैं. साल भर की मेहनत पर पानी फिर गया है.
सीएम ने अधिकारियों को सर्वे के दिए निर्देश
- प्रदेश भर में बारिश और ओलावृष्टि से ख़राब फसलों और किसानों को नुक़सान को लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि सभी अधिकारियों को निर्देश दिए है कि अलर्ट रहें.
- नुक़सान के आकलन का सर्वे करें और जहां नुक़सान हुआ है उनका आकलन कर रिपोर्ट दी जाए.
- किसानों को आर्थिक सहायता राशि दी जाएगी.
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क्या है मुआवजे का प्रावधान?
ओलावृष्टि को लेकर राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने कहा कि निर्देश दे दिए हैं कि सभी कलेक्टर और तहसीलदार जाकर देखें और नुकसान का आकलन करें. उन्होंने कहा कि आरबीसी के तहत 50% से अधिक फसल के नुकसान पर 32,000 रुपये प्रति हेक्टेयर, 33 से 50% पर 16,000 रुपये प्रति हेक्टेयर और 25% से 33% नुकसान पर 9,500 रुपये प्रति हेक्टेयर के मुआवजे का प्रावधान है.