खंडवा में बाइक चोर गिरोह का खुलासा, 61 मोटरसाइकिलें बरामद, एमपी और महाराष्ट्र तक फैला था नेटवर्क
61 मोटरसाइकिलें बरामद
मध्यप्रदेश के खंडवा से वाहन चोरी के एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश हुआ है, जिसने पुलिस के होश उड़ा दिए हैं. पुलिस ने दो शातिर वाहन चोरों को गिरफ्तार कर उनकी निशानदेही पर एक-दो नहीं, बल्कि 61 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की हैं. बरामद बाइक की कीमत करीब 30 लाख रुपये बताई जा रही है. खास बात ये है कि ये मोटरसाइकिलें सिर्फ खंडवा से ही नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश के कई जिलों और महाराष्ट्र के अलग-अलग इलाकों से चोरी की गई थीं.
सबसे चौंकाने वाली बात ये सामने आई है कि गिरोह का एक आरोपी महज तीन मिनट में बाइक का लॉक तोड़कर उसे गायब कर देता था. इन शातिर चोरो के निशाने पर डीलक्स और साइन बाइक रहती थी . खंडवा पुलिस के सामने वाहन चोरी की लगातार बढ़ती घटनाएं चुनौती बनी हुई थीं. पुलिस अधीक्षक अगम जैन के निर्देश पर कोतवाली पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने वाहन चोरी की घटनाओं की कड़ियां जोड़ना शुरू किया.
CCTV फुटेज खंगाले गए और तकनीकी साक्ष्य जुटाए गए
संदिग्धों की निगरानी की गई और आखिरकार पुलिस को वो सुराग मिल गया, जिसकी तलाश लंबे समय से थी.वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस ने दो संदिग्धों को हिरासत में लिया. पूछताछ में उनकी पहचान विशाल राठौर, निवासी भीकनगांव और बबलू बारेला, निवासी सेंधवा के रूप में हुई.
पुलिस के मुताबिक, दोनों से पूछताछ के बाद वाहन चोरी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ. जिसके बाद आरोपियों की निशानदेही पर जब पुलिस ने छानबीन शुरू की तो एक के बाद एक चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद होने लगीं. वो भी एक दो नहीं बल्कि 61 बाइक…! जी हां, पुलिस ने कुल 61 चोरी की मोटरसाइकिलें इन शातिर चोरो से बरामद की हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 30 लाख रुपये है.
पुलिस के मुताबिक, चोरी की ये बाइक खंडवा के अलावा खरगोन, बड़वानी, धार, इंदौर, रतलाम, देवास और महाराष्ट्र के अलग-अलग जिलों से चोरी की गई थीं. बरामद वाहनों में खंडवा जिले की ही 7 मोटरसाइकिलें शामिल हैं. यानी बाइक चोरी का ये खेल सिर्फ एक शहर तक सीमित नहीं था, बल्कि इसका नेटवर्क कई जिलों और अंतर्राज्यीय सीमा तक फैला हुआ था.
चोरी करने के बाद आरोपी उन्हें तुरंत बेचते नहीं थे
पुलिस पूछताछ में गिरोह के काम करने का तरीका भी सामने आया है. बाइक चोरी करने के बाद आरोपी उन्हें तुरंत बेचते नहीं थे. चोरी की मोटरसाइकिलों को जंगलों और सुनसान इलाकों में छिपाकर रखा जाता था. जब चोरी के वाहनों की संख्या बढ़ जाती थी, तब खरीदार की तलाश की जाती थी. मांग के हिसाब से बाइक को कभी पूरी मोटरसाइकिल, कभी स्क्रैप, तो कभी अलग-अलग पार्ट्स के रूप में बेचने की बात सामने आई है.

पुलिस के मुताबिक, आरोपी विशाल राठौर बेहद शातिर वाहन चोर है. बताया गया है कि वह करीब तीन मिनट में दोपहिया वाहन का लॉक तोड़कर उसे चोरी कर सकता था. विशाल के खिलाफ मध्यप्रदेश के अलग-अलग थानों में 11 अपराध दर्ज बताए गए हैं, वहीं उसके साथी बबलू के खिलाफ भी 2 अपराध दर्ज हैं.
दोनों आरोपियों को अदालत में किया जाएगा पेश
फिलहाल दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जा रहा है और पुलिस रिमांड लेने की तैयारी में है. पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ में वाहन चोरी की और भी कई वारदातों का खुलासा हो सकता है. साथ ही गिरोह में शामिल अन्य लोगों और चोरी की बाइक खरीदने-बेचने वाले नेटवर्क तक पहुंचने की भी कोशिश की जा रही है.
61 बाइक की बरामदगी ने साफ कर दिया है कि ये कोई छोटी-मोटी चोरी नहीं थी. बल्कि कई जिलों तक फैला वाहन चोरी का बड़ा नेटवर्क पुलिस के हत्थे चढ़ा है.
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