Vistaar NEWS

MP News: जन्मतिथि विवाद में मोनालिसा को हाई कोर्ट से राहत, कोर्ट ने महेश्वर नगर पालिका का आदेश किया रद्द

Relief for Monalisa from the High Court

मोनालिसा को हाई कोर्ट से राहत

MP News: प्रयागराज महाकुंभ के दौरान रुद्राक्ष की मालाएं बेचते हुए इंटरनेट मीडिया पर चर्चित हुईं मोनालिसा भोसले की जन्मतिथि को लेकर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने बड़ा फैसला सुनाया है. कोर्ट ने महेश्वर नगर पालिका के 31 मार्च के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें मोनालिसा की जन्मतिथि में बदलाव किया गया था. कोर्ट ने कहा कि जन्मतिथि में परिवर्तन से पहले मोनालिसा को अपना पक्ष रखने का उचित अवसर दिया जाना जरूरी था.

मोनालिसा की जन्मतिथि को लेकर पहले सरकारी रिकॉर्ड में 1 जनवरी 2008 दर्ज थी. बाद में उनके पिता के आवेदन और अस्पताल के रिकॉर्ड के आधार पर इसे बदलकर 30 दिसंबर 2009 कर दिया गया था. हाई कोर्ट ने फिलहाल यह तय नहीं किया है कि मोनालिसा की वास्तविक जन्मतिथि 2008 है या 2009. कोर्ट ने पिता के आवेदन पर मोनालिसा को सुनने के बाद मामले में नए सिरे से निर्णय लेने के निर्देश दिए हैं.

जन्मतिथि बदलने से अधिकार प्रभावित होने का दावा

मोनालिसा की ओर से दायर याचिका में कहा गया था कि जन्मतिथि में बदलाव का सीधा असर उनके कई कानूनी और अन्य अधिकारों पर पड़ सकता है. याचिका में मूल जन्म प्रमाण पत्र बहाल करने और सरकारी रिकॉर्ड में कथित रूप से किए गए बदलाव की स्वतंत्र जांच कराने की मांग भी की गई थी.

विवाह के बाद बढ़ा जन्मतिथि का विवाद

मोनालिसा ने अपनी याचिका में आरोप लगाया कि केरल में फरमान खान से विवाह के बाद विवाद बढ़ा. उनका दावा है कि विवाह को विवादित और आपराधिक स्वरूप देने के लिए जन्म रिकॉर्ड में कथित तौर पर बदलाव किए गए, ताकि उन्हें नाबालिग साबित किया जा सके. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मूल जन्म प्रमाण पत्र को बिना उचित प्रक्रिया और पूर्व सूचना के सरकारी पोर्टल से हटा दिया गया.

मोनालिसा की उम्र को लेकर उठे थे सवाल

मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की ओर से भी दावा किया गया था कि विवाह के समय मोनालिसा की उम्र करीब 16 वर्ष थी. इसके बाद खरगोन पुलिस ने फरमान खान के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया. हालांकि, 20 अप्रैल 2026 को केरल हाई कोर्ट ने फरमान की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी.

पिता और अन्य लोगों पर लगाए आरोप

याचिका में मोनालिसा ने अपने पिता और अन्य लोगों पर इंटरनेट मीडिया के जरिए फरमान खान के खिलाफ आपत्तिजनक और भड़काऊ प्रचार करने का भी आरोप लगाया है. उन्होंने दावा किया कि उनके विवाह को सांप्रदायिक विवाद का रूप देने का प्रयास किया गया. हाई कोर्ट के ताजा आदेश के बाद अब जन्मतिथि का मामला नगर पालिका के समक्ष दोबारा सुना जाएगा और मोनालिसा का पक्ष लेने के बाद नया निर्णय किया जाएगा.

ये भी पढे़ं- पिता के खिलाफ हाई कोर्ट पहुंची मोनालिसा, वायरल गर्ल ने बर्थ सर्टिफिकेट में हेरफेर करने का लगाया है आरोप

Exit mobile version