Vistaar NEWS

सादी वर्दी में मुर्गी लूटने पहुंचा ASI, सीएम के प्रोग्राम में थी ड्यूटी, अब SP ने किया सस्‍पेंड

Shahdol SP Dr. Sanjay Kumar

शहडोल एसपी डॉ संजय कुमार

MP News: मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में एक पुलिसकर्मी पर वर्दी का रौब दिखाकर मुर्गी व्यापारी के कर्मचारियों से दुर्व्यवहार करने और जबरन मुर्गियां लेने का आरोप लगा है. मामला सामने आने के बाद पुलिस विभाग ने कार्रवाई करते हुए सहायक उपनिरीक्षक (ASI) दीपक सिंह परिहार को निलंबित कर दिया है. पुलिस अधीक्षक संजय कुमार अग्रवाल ने निलंबन की पुष्टि करते हुए मामले की विभागीय जांच के आदेश दिए हैं.

मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में लगी थी ड्यूटी

पुलिस के अनुसार, दीपक सिंह परिहार सीधी थाने में पदस्थ हैं. उनकी ड्यूटी जैसिंघनगर ब्लॉक के बंसुकली में आयोजित मुख्यमंत्री के ‘जन विश्वास अभियान’ शिविर में सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए लगाई गई थी. आरोप है कि ड्यूटी के दौरान वह सादी वर्दी में दूसरी जगह पहुंच गए, जहां ग्रामीणों और व्यापारियों के साथ दुर्व्यवहार किए जाने की शिकायत सामने आई.

पिकअप रोककर चार मुर्गियां लेने का आरोप

इस मामले में अम्डह गांव निवासी पोल्ट्री व्यापारी तौकीर रजा ने एसपी को लिखित शिकायत दी थी. शिकायत के मुताबिक, पहरिया के पास एएसआई ने उनके कर्मचारियों की मुर्गियों से भरी पिकअप गाड़ी रुकवाई और उसमें से चार मुर्गियां जबरन ले लीं. कर्मचारियों ने जब इसका विरोध किया, तो उनके साथ अभद्रता की गई और मारपीट की धमकी देने का आरोप भी लगाया गया है.

व्यापारी तौकीर रजा का आरोप है कि घटना की जानकारी मिलने पर उन्होंने फोन के जरिए पुलिसकर्मी से बात की और इस हरकत पर आपत्ति जताई. इस दौरान एएसआई ने कथित तौर पर उनके साथ भी अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया. आरोप है कि पुलिसकर्मी ने शिकायत करने की चुनौती भी दी. घटना के समय मौजूद कुछ स्थानीय लोगों ने बीच-बचाव किया. वहीं, घटनाक्रम के कुछ हिस्सों को मोबाइल फोन में रिकॉर्ड किए जाने की बात भी सामने आई है.

शिकायत मिलने के बाद एसपी ने की कार्रवाई

मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान इस मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक तक पहुंचने के बाद विभाग ने कार्रवाई की. एसपी संजय कुमार अग्रवाल ने बताया कि संबंधित एएसआई के खिलाफ दुर्व्यवहार और मुर्गियां लेने की शिकायत मिली थी. इसके बाद उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. मामले की जांच की जा रही है और जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

निलंबन के बाद विभागीय जांच जारी

सरकारी सेवा में निलंबन एक अस्थायी प्रशासनिक कार्रवाई होती है, जिसका इस्तेमाल गंभीर आरोपों की जांच के दौरान किया जा सकता है. निलंबन का मतलब यह नहीं है कि कर्मचारी को आरोपों का दोषी घोषित कर दिया गया है. विभागीय जांच में तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर ही आगे का निर्णय लिया जाता है. फिलहाल, शहडोल में इस मामले को लेकर पुलिस विभाग की कार्रवाई जारी है.

ये भी पढे़ं- देवास TI मर्डर केस में पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी, पकड़ा गया ट्रक का क्लीनर, ड्राइवर पर 10000 का इनाम

Exit mobile version