सागर शराब कांड के बाद एक्शन, हटाए गए एसपी-कलेक्टर, देवास में भी SP-DM पर गिरी गाज

MP News: देवास जिले के चंदाना और बिंजाना गांवों में संदिग्ध परिस्थितियों में कई लोगों की मौत के मामले सामने आए थे. परिजनों ने मौतों को शराब से जोड़कर सवाल उठाए, जबकि प्रशासन ने जहरीली शराब से मौत होने की पुष्टि नहीं की.
Anurag Sujania and Puneet Gehlot

अनुराग सुजानिया और पुनीत गहलोत

MP News: मध्य प्रदेश में शराब से लोगों की मौत के मामलों के बीच पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल किया गया है. सागर में शराब कांड के 51 दिन बाद पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया को हटाकर पुलिस मुख्यालय में सहायक पुलिस महानिरीक्षक पदस्थ किया और ग्वालियर स्थित 24वीं वाहिनी के कमांडेंट संजीव कुमार सिन्हा को सागर का नया पुलिस अधीक्षक बनाया गया है. इसके साथ ही सागर कलेक्टर प्रतिभा पाल की जगह दिलीप कुमार यादव को सागर कलेक्टर की जिम्मेदारी दी गई है.

वहीं, देवास में भी पुलिस अधीक्षक पुनीत गहलोत को पुलिस मुख्यालय में अटैच कर दिया गया है. बालाघाट के पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा को देवास जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई है. साथ ही देवास कलेक्टर ऋतुराज की जगह नेहा मीना को देवास जिले की कमान सौंपी गई है.

राज्य शासन की ओर से जारी तबादला आदेश में चार आईपीएस अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है. इन तबादलों को देवास और सागर में शराब से लोगों की मौत के मामलों के बाद पुलिस महकमे में हुई कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है.

चार आईपीएस अधिकारियों के तबादले

तबादला आदेश के अनुसार, सागर के पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया को पुलिस मुख्यालय में सहायक पुलिस महानिरीक्षक की जिम्मेदारी दी गई है. उनकी जगह संजीव कुमार सिन्हा सागर के नए पुलिस अधीक्षक होंगे. सिन्हा इससे पहले ग्वालियर में 24वीं वाहिनी के कमांडेंट के पद पर पदस्थ थे.

इसी तरह बालाघाट के पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा को देवास भेजा गया है. देवास के मौजूदा पुलिस अधीक्षक पुनीत गहलोत को पुलिस मुख्यालय में अटैच किया गया है. इस फेरबदल के बाद देवास और सागर, दोनों जिलों में पुलिस की कमान नए अधिकारियों के हाथ में होगी.

बैच के लिहाज से अनुराग सुजानिया 2014, संजीव कुमार सिन्हा 2016, पुनीत गहलोत 2017 और आदित्य मिश्रा 2018 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं.

51 दिन बाद सागर में कार्रवाई

सागर में शराब कांड के बाद पुलिस अधीक्षक के खिलाफ कार्रवाई होने में 51 दिन लगने का मुद्दा भी महत्वपूर्ण है. घटना के बाद पुलिस की भूमिका और जवाबदेही को लेकर सवाल उठ रहे थे. अब अनुराग सुजानिया को जिले से हटाकर पुलिस मुख्यालय भेज दिया गया है. वहीं, देवास में भी संदिग्ध मौतों के मामले के बीच पुलिस अधीक्षक पुनीत गहलोत को हटाया गया है.

मौतों के आंकड़ों पर अलग-अलग दावे

देवास जिले के चंदाना और बिंजाना गांवों में संदिग्ध परिस्थितियों में कई लोगों की मौत के मामले सामने आए थे. परिजनों ने मौतों को शराब से जोड़कर सवाल उठाए, जबकि प्रशासन ने जहरीली शराब से मौत होने की पुष्टि नहीं की. बाद में प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए जहरीली शराब के मामले में आरोपियों का जिक्र किया. कांग्रेस भी देवास में हुई मौतों को शराब के कारण हुई बता रही है और सरकार पर सवाल उठा रही है. सागर में भी शराब कांड के बाद दर्जन पर से अधिक लोगों की मौत हुई थी.

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