Lawyer Makes Serious Claim: कटनी के बहुचर्चित जमीन सौदा कांड मामले में आरोपी सस्पेंड CSP नेहा पच्चीसिया की याचिका पर बुधवार (16 सितंबर) को हाई कोर्ट में सुनवाई हुई. FIR रद्द करने और कानूनी कार्रवाई ना करने की मांग वाली याचिका पर कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है. पच्चीसिया पर पद का दुरुपयोग और फर्जीवाड़े का मामला शामिल है.
‘सहआरोपी के साथ पत्नी की तरह रहती थीं’
आरोपी नेहा पच्चीसिया की याचिका पर जस्टिस हिमांशु जोशी की सिंगल बेंच ने सुनवाई की. राज्य सरकार की ओर से पेश हुए सरकारी वकील ने कहा कि पच्चीसिया और सह आरोपी क्षितिज बारापात्रे एक-दूसरे को अच्छी तरह जानते हैं. इसके साथ ही दावा किया गया कि क्षितिज के साथ नेहा पत्नी की तरह रहती थीं. पुलिसकर्मियों के बयानों का हवाला देते हुए ये बात कही गई. कटनी जिला न्यायालय में अग्रिम जमानत पर सुनवाई के दौरान नेहा और क्षितिज ने एक-दूसरे को पहचानने से इनकार कर दिया था.
अग्रिम जमानत याचिका खारिज
अग्रिम जमानत याचिका के लिए निलंबित सीएसपी नेहा पच्चीसिया ने कटनी जिला कोर्ट में याचिका दायर की थी. इस मामले में दो दिनों तक सुनवाई हुई. मामले की गंभीरता को देखते हुए अग्रिम जमानत को रद्द कर दिया था. सस्पेंड CSP की ओर से दलील दी गई थी कि उनकी शादी टूट चुकी है, उन पर दो छोटी बच्चियों की जिम्मेदारी है. फिलहाल, नेहा पच्चीसिया फरार चल रही हैं. SIT उन्हें तलाश कर रही है और उनके खिलाफ लुकआउट नोटिस भी जारी किया गया है. पुलिस ने उन पर 10 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया है.
क्या है पूरा मामला?
पूरा मामला जमीन विवाद जुड़ा हुआ है. कटनी के कुठला थाना क्षेत्र में रहने वाले रमेश लोधी नाम के शख्स के बेटे पर एक आदिवासी युवक की हत्या का आरोप लगा. कानूनी कार्रवाई के बाद उसे जेल भेज दिया गया. आरोप लगाते हुए रमेश ने कहा कि केस में राहत दिलवाने के नाम पर 15 लाख रुपये की मांग की गई.
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जब रमेश ने कहा कि वह इतनी बड़ी रकम नहीं दे सकता है. बताया कि दबाव डालकर अपनी दो हेक्टेयर जमीन का एक हिस्सा बेचने के लिए कहा गया, इससे रकम की व्यवस्था हो जाएगी. रमेश की जिस जमीन का सौदा हुआ उसकी कीमत 82 लाख रुपये थी. रमेश के परिवार ने बताया कि डील 1.07 करोड़ रुपये हुई जबकि उन्हें मात्र 18 लाख मिले. इस पूरे मामले में नेहा पच्चीसिया की भूमिका संदिग्ध रही.
