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रिटायरमेंट को लेकर MP हाई कोर्ट का बड़ा फैसला! 60 दिन के अंदर देना होगा पूरा पैसा, राज्य सरकार को दिया निर्देश

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सांकेतिक तस्वीर.

MP High Court on Retirement: मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने रिटायरमेंट के बाद कर्मचारियों के भुगतान को लेकर अहम फैसला सुनाया है. अब रिटायरमेंट के बाद सरकार को 60 दिनों के अंदर सेवानिवृत्त कर्मचारी को पूरा पैसा देना होगा. अगर 60 दिनों में रिटायर कर्मचारी को पैसा नहीं दिया जाता है तो 7 प्रतिशत वार्षिक की दर से ब्याज देना होगा. इसके लिए हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश जारी कर दिए हैं.

रिट अपील पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने सुनाया फैसला

पूरा मामला एक रिट अपील से जुड़ा हुआ है. ये रिट अपील मुकेश कुमार गुप्ता नाम के शख्स ने दायर की थी. दरअसल मुकेश को 29 जुलाई 2021 को अनिवार्य रूप से रिटायरमेंट मिला था. लेकिन इस आदेश को चुनौती देने पर कोर्ट ने इसके पहले याचिका को रद्द करते हुए मुकेश गुप्ता को 31 जुलाई 2023 तक सेवा में मानते हुए रिटायरमेंट के सभी लाभ दिए जाएं.

हालांकि इसके बाद याचिकाकर्ता ने फिर से अपील की और बताया कि अभी तक बकाया राशि पर ब्याज नहीं दिया गया है. मुकेश कुमार गुप्ता ने तर्क दिया कि जो कार्रवाई की गई थी, वो नियमों के विपरीत थी, इसलिए ब्याज दिया जाए.

कोर्ट ने याचिकाकर्ता को दी राहत

जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस पुष्पेंद्र यादव की खंडपीठ ने पूरे मामले की सुनवाई की. इस दौरान राज्य सरकार ने याचिकाकर्ता को ब्याज देने का विरोध किया. कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि अनिवार्य सेवानिवृत्ति का आदेश नियमों के तहत किया गया था और कोर्ट में मामला विचाराधीन होने के कारण ब्याज नहीं दिया जा सकता है. लेकिन आदेश के बाद तामील होने में हुई देरी हुई. आदेश को लागू करने में हुई देरी को स्वीकार नहीं किया जा सकता है. इसलिए आदेश के बाद अगर 60 दिनों के अंदर रिटायरमेंट की बकाया राशि नहीं दी गई है, तो उस पर ब्याज देना होगा. इसके साथ ही कोर्ट ने रिटायरमेंट के पैसों को देने में हुई देरी के लिए 7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज याचिकाकार्ता को देने का आदेश सुनाया है.

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