MP News: धार भोजशाला में ASI सर्वे का 8वां दिन, नियमानुसार पढ़ी जायेगी नमाज

Dhar BhojSala: वही अब किसी भी व्यक्ति को मोबाइल अंदर ले जाने की इजाजत नहीं है जो भी लोग नमाज या पूजा के लिए भोजशाला कमाल मोला मस्जिद में प्रवेश करेगे उनसे मोबाइल बहार ही रखवा लिया जायेगे.

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धार स्थित भोजशाला में सर्वे कार्य के लिए जाते हुए कर्मचारी

धार: प्रदेश की धार  भोजशाला में चल रहे एएसआई की टीम के द्वारा किये जा रहे सर्वे का 29 मार्च को आठवां दिन है. आठ दिन से टीम यहां अलग अलग बिंदुओं पर जांच कर रही है इस दौरान खुदाई करने की बात भी सामने आई,चल रहे सर्वे में दोनों ही पक्षों के लोग भी शामिल हो रहे है. आज टीम सुबह 6:10 प्रवेश कर चुकी थी, और 29 मार्च शुक्रवार को 1 से 3 बजे तक जूमे की नमाज भी होगी.

बता दे सर्वे का जब पहले दिन था तब भी यहां मुस्लिम समाज को नमाज पढ़ने की अनुमति दी गई थी. जिसके बाद मंगलवार को हिंदू पक्ष को भी पूजा की अनुमति दी गई थी, 29 मार्च को रमजान का तीसरा जुमा हैं.  वही अब किसी भी व्यक्ति को मोबाइल अंदर ले जाने की इजाजत नहीं है जो भी लोग नमाज या पूजा के लिए भोजशाला कमाल मोला मस्जिद में प्रवेश करेगे उनसे मोबाइल बहार ही रखवा लिया जायेगे. सर्वे के दौरान प्रशासन ने भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं पुलिस बल तैनात हैं, और सर्वे टीम लगातार अपने सर्वे के कार्य को कर रही हैं.

आज 12 बजे तक हुआ सर्वे कार्य

धार भोजशाला मामले में  ASI के सर्वे का आठवां दिन पूरा हो गया.  12 बजे तक ही ASI ने सर्वे किया गया. ASI सर्वे की टीम बाहर जाती हुई दिखाई दी जिसमे उनके पास इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी नज़र आए, आज जुमे का दिन है मुस्लिम पक्ष को 1 बजे से 3 बजे तक का समय दिया गया है.

कड़ी सुरक्षा के बीच हो रहा सर्वे

हाई कोर्ट की इंदौर पीठ के आदेश के अनुसार भोजशाला परिसर का पुरातत्व सर्वेक्षण या वैज्ञानिक जांच शुरु होने के साथ ही धार जगह जगह सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं  पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार सिंह ने एएसआई का यह पत्र मिलने के बाद बताया कि भोजशाला परिसर में सर्वेक्षण के मद्देनजर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं.

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क्या है पूरा मामला

एएसआई के द्वारा संरक्षित ऐतिहासिक भोजशाला परिसर को हिन्दू पक्ष वाग्देवी (सरस्वती) का मंदिर मानते हैं, जबकि मुस्लिम समुदाय इसे कमाल मौला की मस्जिद बताता है. इसी ‘हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस’ नामक संगठन की याचिका दायर की थी जिसके बाद  हाई कोर्ट की इंदौर पीठ ने 11 मार्च2024 को सुनाए आदेश में कहा था, ‘‘ इस अदालत ने केवल एक निष्कर्ष निकाला है कि भोजशाला मंदिर-सह-कमाल मौला मस्जिद परिसर का जल्द से जल्द वैज्ञानिक सर्वेक्षण और अध्ययन कराना एएसआई का संवैधानिक और कानूनी दायित्व है. इस मामले में अगली सुनवाई 29 अप्रैल को होनी है.

अभी दोनो पक्षों को पूजा व नमाज की है अनुमति

ASI के द्वारा 7 अप्रैल 2003 को जारी आदेश के अनुसार जारी व्यवस्था के मुताबिक हिंदुओं को प्रत्येक मंगलवार भोजशाला में पूजा करने की अनुमति है, जबकि मुस्लिमों को हर शुक्रवार इस जगह नमाज अदा करने की इजाजत दी गई है.

किया गया हनुमान चलीसा का पाठ

ASI के द्वारा जारी आदेश के बाद से ही भोजशाला में हिंदू समाज के लोग हर मंगलवार को पूजा अर्चना कर हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं. बीते मंगलवार भी कई भक्तगणों ने भोजशाला पहुंचकर पूजा अर्चना की.

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