Dhar Bhojshala: धार स्थित भोजशाला परिसर में हाई कोर्ट के फैसले के बाद पहली बार मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव मंदिर पहुंच. यहां उन्होंने मां वाग्देवी के दर्शन कर पूजा अर्चना की.
Dhar Bhojshala: भोज उत्सव समिति और हिंदू समाज के लोगों ने सूर्योदय के साथ मां वाग्देवी की आराधना की और निर्धारित समय पर आरती संपन्न की.
मध्य प्रदेश के धार स्थित भोजशाला के धार्मिक स्वरूप को लेकर लंबे समय से चल रहा विवाद हाई कोर्ट के फैसले के साथ खत्म हो गया है. साथ ही कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष को लेकर भी बड़ी बात कही है.
कोर्ट ने बताया कि सोमवार को सभी याचिकओं को एक साथ सुना जाएगा. याचिकाओं को सुनने के बाद ही आपत्तिकर्ता अपनी बात रख पाएंगे.
Dhar Bhojshala Controversy: मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के दो जजो ने धार भोजशाला विवाद को लेकर ऐतिहासिक भोजशाला मंदिर-कमाल मौला मस्जिद परिसर का मौका मुआयना किया. इस मामले की सुनवाई की अगली तारीख 2 अप्रैल निर्धारित की गई है तो वहीं मुस्लिम पक्ष इस मामले में एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंचा है.
Dhar: मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के दो जजो ने धार भोजशाला विवाद को लेकर ऐतिहासिक भोजशाला मंदिर-कमाल मौला मस्जिद परिसर का मौका मुआयना किया. इस मामले की सुनवाई की अगली तारीख 2 अप्रैल निर्धारित की गई है तो वहीं मुस्लिम पक्ष इस मामले में एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंचा है. सुप्रीम कोर्ट में मुस्लिम […]
Dhar Bhojshala: इंदौर स्थित मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की खंडपीठ में आज इस मामले में सुनवाई होनी है, जिसमें भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की सर्वे रिपोर्ट पर दोनों पक्षों की दलीलें सुनी जाएंगी.
Dhar Bhojashala: मध्य प्रदेश के धार जिला स्थित भोजशाला में बसंत पंचमी के दिन पूजा और नमाज दोनों हुईं.
Dhar Bhojshala: मध्य प्रदेश के धार जिला स्थित भोजशाला सत्याग्रह स्थल पर बसंत पंचमी के दिन सूर्योदय होते ही पूजा शुरू हो गई है. सबसे पहले मां वाग्देवी का स्वरूप विराजित कर पूजा-आरती की गई. इसके बाद हवन किया गया. भोजशाला में सुरक्षा को लेकर चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात किया गया है.
Dhar Bhojshala Controversy: परमार वंश के राजा भोज ने साल 1034 में भोजशाला की स्थापना की थी. उस समय इसे सरस्वती सदन या सरस्वती कंठाभरण के नाम से जाना जाता था. इस परिसर में वाग्देवी यानी देवी सरस्वती की प्रतिमा स्थापित की गई थी.