MP News: रायसेन किले को किया गया सील, पहाड़ी पर टाइगर का मूवमेंट

Tiger Movement In Raisen: दरअसल बुधवार को बाघ ने किले की पहाड़ी पर एक गाय का शिकार किया था. इसके बाद से ही वन विभाग की टीम लगातार बाघ की सर्चिग कर रही थी.

raisen fort

किले की पहाड़ी पर टाइगर का मूवमेंट देखा गया है.

रायसेन:  रायसेन शहर के नरापुरा के आसपास और किले की पहाड़ी पर टाइगर का मूवमेंट है. वहां वन विभाग की टीम का बाघ से सामना हो गया. जिससे अफरा-तफरी मच गई. इस दौरान बाघ और वन विभाग की टीम ने अपना-अपना रास्ता बदल दिया. वन विभाग की टीम आज जैसे ही किले पर बाघ को तलाशने पहुंची तब बाघ को सोमेश्वर मंदिर की सीढ़ी पर बैठे देखकर टीम घबराकर भागने लगी. बाघ उन्हें देखकर मंदिर के पीछे की ओर चला गया. जिसके बाद सुरक्षा की दृष्टि से पूरे किले को सील कर दिया गया है. किसी को आने जाने की इजाजत नहीं दी जा रही है.

दरअसल बुधवार को बाघ ने किले की पहाड़ी पर एक गाय का शिकार किया था. इसके बाद से ही वन विभाग की टीम लगातार बाघ की सर्चिग कर रही थी.

सोमेश्वर धाम मंदिर में बाघ का वन विभाग टीम से हुआ सामना

गुरुवार 21 मार्च सुबह सर्चिग के दौरान वन विभाग के एसडीओ सुधीर पटले की टीम का सोमेश्वर धाम मंदिर के परिसर में बाघ सामने आ गया. जिससे वन विभाग की टीम हक्का-बक्का रह गई. इसके बाद बाघ टीम को देखकर सोमेश्वर धाम मंदिर के पीछे जंगल की ओर चला गया.

ये भी पढ़े: सतना लोकसभा सीट पर कांटे की टक्कर, पूर्व विधायक नारायण त्रिपाठी ने थामा BSP का दामन

इससे पहले सुबह 7 बजे जिस जगह बाघ ने गाय का शिकार किया था उसे स्थान पर दिखाई दिया था. इसके बाद 8:30 बजे बाघ सोमेश्वर धाम मंदिर पहुंच गया और यहां काफी देर तक मंदिर की सीढ़ियों पर बैठा रहा. सूचना मिलने पर डीएफओ विजय कुमार भी मौके पर पहुंचे थे.

 2 महीने से रायसेन में बाघ का मूवमेंट

डीएफओ विजय कुमार के मुताबिक यह नर बाघ जिसकी उम्र तीन वर्ष है जो महू से रायसेन पहुंचा है. जिसका मूवमेंट करीब 2 महीने से रायसेन में है. आज भी किले की पहाड़ी पर इस बाघ का सामना वन विभाग की टीम से हो गया था इसके बाद दोनों ने ही अपना रास्ता बदल दिया. पर्यटकों की सुरक्षा के लिए किले को फिलहाल सील किया गया हैं.

ज़रूर पढ़ें