Raisen News: जिस दार्शनिक ने पूरी दुनिया को ध्यान, जीवन और आत्मबोध की एक नई क्रांति से परिचित कराया और भारतीय दर्शन को वैश्विक पटल पर स्थापित किया, आज उसी की जन्मस्थली सरकारी उदासीनता और बुनियादी सुविधाओं के अकाल से जूझ रही है.
MP News: एमपीआरडीसी द्वारा करोड़ों रुपये की लागत से कराया जा रहा सड़क निर्माण कार्य पहली ही बारिश में सवालों के घेरे में आ गया है.
प्रदर्शन के बाद एक प्रतिनिधिमंडल ने बिजली कंपनी के महाप्रबंधक को ज्ञापन सौंपा. इसमें स्मार्ट मीटर हटाने, बढ़े बिलों में राहत देने और अतिरिक्त शुल्क व बकाया वसूली वापस लेने की मांग की गई है.
MP News: बेतवा नदी में डूबने से दो मासूम बहनों की मौत हो गई. हादसा रंगपुरा केसरी गांव के पास हुआ, जहां नदी किनारे गईं दोनों बच्चियां खेलते-खेलते गहरे पानी में चली गईं.
हमले के बाद युवक लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ा. अचानक हुए इस घटनाक्रम से जुलूस में भगदड़ की स्थिति निर्मित हो गई. ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों ने तुरंत मोर्चा संभाला और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जुलूस को वहीं रुकवा दिया.
Raisen High Voltage Drama: रायसेन में युवती के शादी से इनकार करने पर युवक बिजली के हाई टेंशन टॉवर पर चढ़ा. सुबह 5 बजे से ही युवक का हाई वोल्टेज ड्रामा जारी है. पुलिस उसे लगातार नीचे उतारने का प्रयास कर रही है.
MP News: रायसेन जिले के सिलवानी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इसमें कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान शामिल हुए. संबोधन के लिए कृषि मंत्री का नाम मंच संचालक ने पुकारा और कार्यक्रम स्थल पर मौजूद जनता से खड़े होने के लिए कह दिया. इससे नाराज शिवराज सिंह चौहान ने मंच से ही संचालक को फटकार लगा दी.
Raisen Road Accident: रायसेन में दो बसों की आमने-सामने की टक्कर हो गई. इस हादसे में 4 यात्रियों की मौत हो गई. इसके साथ ही 20 से ज्यादा लोग घायल हो गए. बेहतर इलाज के लिए घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया.
मध्य प्रदेश की बेटी पर पूरा देश गर्व महसूस कर रहा है. रायसेन जिले की अंजना यादव ने एवरेस्ट की चोटी पर तिरंगा लहराकर बड़ा कीर्तिमान स्थापित कर दिया है.
40 साल बाद फिर से 'झिरआई फाग' प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. स्थानीय विधायक देवेंद्र पटेल के चचेरे भाई वीर नारायण पटेल के संरक्षण में जब इस लुप्त होती विधा को दोबारा शुरू किया गया, तो आसपास के 25 गांवों की टोलियां इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनने खिंची चली आईं.