राजगढ़: साइबर ठगी का सदमा नहीं झेल पाए दरोगा जी, ICU में लड़ रहे जिंदगी और मौत की जंग, जानें पूरा मामला
सांकेतिक तस्वीर
राजगढ़: मध्य प्रदेश के राजगढ़ से साइबर फ्रॉड का ऐसा अनोखा मामला सामने आया है जिसे सुनकर आप चौंक जाएंगे. इस घटना ने पुलिस महमके में सामने एक बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है. दरअसल ब्यावरा कोर्ट में पदस्थ एएसआई (सहायक उपनिरीक्षक) गोपालसिंह खींची और उनकी पत्नी खुद शातिर ठगों का शिकार हो गए और लाखों की ठगी करा बैठे.
ठगो ने दिमाग दौड़ाया और दरोगा जी के खाते से 3 लाख 10 हजार की रकम सफाचट कर दी. इस बड़े आर्थिक नुकसान और मानसिक आघात को बुजुर्ग एएसआई बर्दाश्त नहीं कर सके। उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें गंभीर हालत में इंदौर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, खबरों की माने तो दरोगा जी जिंदगी और मौत की बीच जंग लड़ रहे हैं.
साइबर ठगों की जालसाजी
इस बीच ठगी का शिकार हुए एएसआई के बेटे कपिल सिंह खींची ने सोशल मीडिया पर एक भावुक वीडियो जारी कर पुलिस प्रशासन से जल्द से जल्द कार्रवाई करने और माता-पिता की गाढ़ी कमाई वापस दिलाने की गुहार लगाई है. जानकारी के अनुसार एएसआई गोपालसिंह खींची और उनकी पत्नी राधिका सिंह खींची ने अपने बुढ़ापे और घुटनों के ऑपरेशन के इलाज के लिए बैंक में पैसे जोड़ रखे थे.
पूरी जमा पूंजी गायब
10 मई को सातिरों ने राधिका सिंह के खाते से पूरी जमा पूंजी करीब 3 लाख और एएसआई के खाते से 10 हजार रुपये उड़ा दिए. एक बार पूरी रकम गायब होने की खबर सुनते ही बुजर्ग दंपत्ति सदमे में चले गए. मामला चर्चा में आने और पुलिस विभाग के ही अधिकारी से जुड़ा होने के कारण देहात थाना पुलिस और साइबर सेल की टीमें सक्रिय हो गई हैं.