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स्टाइपेंड विवाद में बढ़ा आक्रोश, रीवा में आंदोलन के 9वें दिन इंटर्न डॉक्टरों ने जलाईं डिग्रियां

Rewa Ayurveda College

इंटर्न चिकिस्तकों का प्रदर्शन

रीवा के आयुर्वेद कॉलेज के इंटर्न चिकित्सक स्टाइपेंड बढ़ाने को लेकर बीते कई दिनों लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं. इन इंटर्न चिकित्सकों का गुस्सा अब अपनी डिग्री जलाने तक पहुंच गया है. इस प्रदर्शन के नौवें दिन प्रदर्शनकारी चिकित्सकों ने कॉलेज के मुख्य गेट पर अपनी डिग्री जलाकर विरोध जताया और अपनी मांगे पूरा करने की सरकार से मांग की.

दूसरे राज्यों के मुकाबले बेहद कम स्टाइपेंड-इंटर्न चिकित्सक

प्रदर्शन कर रहे इंटर्न चिकित्सकों को कहना है कि मध्य देश में बीएएमएस इंटर्न चिकित्सकों को दूसरे राज्यों के मुकाबले बेहद कम स्टाइपेंड दिया जा रहा है. मांगों पर अब तक ठोस निर्णय नहीं होने से नाराज चिकित्सकों ने शासन का ध्यान खींचने के लिए यह कदम उठाया. ये आंदोलन रीवा के शासकीय स्वशायी आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय, रीवा में जारी है.

इंटर्न चिकित्साकों कि ये भी मांग है कि संबंधित नियमों के अनुसार भुगतान और आयुष चिकित्सा संस्थानों में भर्ती प्रक्रिया को लेकर भी मांग उठा रहे हैं. चिकित्सकों ने शासन को ज्ञापन सौंपकर जल्द निर्णय लेने की अपील की है.

ज्ञापन में दिए गए आंकड़ों के मुताबिक

इंटर्न चिकित्सकों द्वारा शासन को सौंपे गए ज्ञापन में दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, मध्यप्रदेश में बीएएमएस इंटर्न चिकित्सकों को करीब 9,383 रुपए प्रतिमाह स्टाइपेंड मिल रहा है. वहीं, पश्चिम बंगाल में 33,099 रुपए, ओडिशा में 30,000 रुपए और तेलंगाना में 29,792 रुपए प्रतिमाह दिए जाने का उल्लेख किया गया है.

आंदोलन कर रहे इंटर्न चिकित्सकों का कहना है कि जब जूसरे राज्यों में इंटर्न चिकित्सकों को अधिक स्टाइपेंड दिया जा रहा है, तो एमपी के भी राशि बढ़ाकर दूसरे राज्यों के बराबर की जानी चाहिए. इसी मांग को लेकर वे लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं.

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