मऊगंज जिला अस्पताल में मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़, सफाईकर्मी चढ़ाते हैं सलाइन और लगाते हैं इंजेक्शन

मऊगंज जिला अस्पताल से सामने आया एक वीडियो पूरे स्वास्थ्य महकमे की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है.
Sanitation workers are administering IV drips to patients at Mauganj District Hospital.

मऊगंज जिला अस्पताल में सफाईकर्मी मरीजों को सलाइव चढ़ा रहे हैं.

Mauganj News: जिस अस्पताल में मरीज अपनी जिंदगी बचाने पहुंचते हैं, अगर वहीं उनकी जान से खिलवाड़ होने लगे तो आखिर भरोसा किस पर किया जाए? मऊगंज जिला अस्पताल से सामने आया एक वीडियो पूरे स्वास्थ्य महकमे की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है. यहां एक सफाईकर्मी मरीजों को इंजेक्शन लगाती और सलाइन चढ़ाती दिखाई दे रही है. सोचिए, अगर एक छोटी सी गलती हो जाती तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेता? वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन हरकत में आया है, लेकिन सवाल यह है कि क्या मरीजों की जिंदगी की कीमत वीडियो वायरल होने के बाद ही समझी जाएगी?

बिना ट्रेनिंग के सफाईकर्मी कर रहे इलाज

मऊगंज जिला अस्पताल में लोग इलाज और जिंदगी की उम्मीद लेकर पहुंचते हैं. लेकिन यहां जो नजारा सामने आया, उसने हर किसी को हैरान कर दिया. अस्पताल के जनरल वार्ड में एक महिला मरीजों को इंजेक्शन लगाती और सलाइन चढ़ाती दिखाई दी. वीडियो में दिखाई देने वाली महिला कोई नर्स या प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी नहीं, बल्कि अस्पताल में सफाई और सहयोगी कार्यों से जुड़ी कर्मचारी बताई जा रही है. हैरानी की बात यह है कि वह एक-दो नहीं बल्कि कई मरीजों का उपचार संबंधी काम करती नजर आ रही है.

अस्पताल प्रबंधन और नर्सिंग स्टाफ पर सवाल

जिन हाथों में झाड़ू और सफाई की जिम्मेदारी हो, अगर उन्हीं हाथों में सिरिंज और सलाइन की जिम्मेदारी सौंप दी जाए, तो सवाल उठना लाजमी है. आखिर अस्पताल प्रबंधन की निगरानी कहां थी? नर्सिंग स्टाफ कहां था? और मरीजों की सुरक्षा का जिम्मेदार कौन है? स्थानीय लोगों का दावा है कि यह कोई नई बात नहीं है. आरोप है कि लंबे समय से अस्पताल में गैर-अधिकृत लोगों से ऐसे काम कराए जा रहे हैं. यदि यह सच है, तो यह केवल लापरवाही नहीं बल्कि मरीजों की जान को जोखिम में डालने जैसा गंभीर मामला है.

छोटी सी गलती ले सकती है जान

स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मानें तो बिना प्रशिक्षण के इंजेक्शन लगाना या सलाइन चढ़ाना खतरनाक साबित हो सकता है. एक छोटी सी गलती संक्रमण, गंभीर रिएक्शन या किसी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है. वीडियो सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है. बीएमओ ने जांच के आदेश दिए हैं, वहीं कलेक्टर संजय कुमार जैन ने मामले को गंभीर बताते हुए सीएमएचओ और संबंधित अधिकारियों को तत्काल जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं.

‘व्यवस्था के दर्द’ को हर दिन मरीज झेलते हैं

मऊगंज जिला अस्पताल का यह मामला सिर्फ एक वीडियो नहीं, बल्कि स्वास्थ्य व्यवस्था के उस दर्दनाक सच को उजागर करता है, जिसे मरीज और उनके परिजन रोज झेलते हैं. सवाल सीधा है अगर अस्पतालों में इलाज की जगह प्रयोग होने लगे, तो आम आदमी अपनी जिंदगी किसके भरोसे छोड़े? अब देखना होगा कि जांच के बाद सिर्फ रिपोर्ट बनती है या जिम्मेदारों पर कार्रवाई भी होती है.

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