Damoh News: एक तरफ मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के दावे किए जाते हैं. अस्पतालों की साफ-सफाई के नाम पर शासन हर महीने लाखों रुपये खर्च करता है लेकिन दूसरी तरफ दमोह के जिला अस्पताल में अपने बीमार बेटे का इलाज कराने आई एक मां को अस्पताल का फर्श साफ करने के लिए मजबूर होना पड़ा. जी हां, जिस अस्पताल में मरीजों की सेवा और देखभाल होनी चाहिए. वहां एक बेबस मां के हाथों में सफाई का पोछा थमा दिया गया.
अस्पताल में 55 सफाईकर्मी
सवाल यह है कि जब जिला अस्पताल में करीब 55 सफाईकर्मी तैनात हैं और सफाई व्यवस्था पर हर महीने लाखों रुपये खर्च किए जा रहे हैं तो आखिर एक मां को अपने बीमार बेटे को छोड़कर फर्श साफ करने की नौबत क्यों आई?
अस्पताल प्रबंधन पर खड़े हुए सवाल
दरअसल, ये पूरा मामला जिला हॉस्पिटल के पुरुष वार्ड का है, जहां देर रात सामने आए इस वीडियो ने अस्पताल की सफाई व्यवस्था और मरीजों के परिजनों के साथ होने वाले व्यवहार पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
क्या है पूरा मामला?
तेजगढ़ क्षेत्र के सिमरिया गांव की रहने वाली हल्की बहू अपने बीमार बेटे का इलाज कराने जिला अस्पताल पहुंची थीं. महिला के मुताबिक, उसके बेटे को लूज मोशन यानी दस्त की शिकायत थी. वह अपने बेटे के इलाज की उम्मीद लेकर अस्पताल आई थी लेकिन यहां उसके साथ कुछ ऐसा हुआ, जिसने अस्पताल की व्यवस्था को सवालों के कटघरे में खड़ा कर दिया.
आरोप है कि अस्पताल के फर्श पर गंदगी फैलने के बाद महिला को ही उसे साफ करने के लिए कह दिया गया. वीडियो में महिला अस्पताल के फर्श पर पोछा लगाती हुए नजर आ रही है. जब महिला से पूछा गया कि वह अस्पताल का फर्श क्यों साफ कर रही है, तो उसने बताया कि ड्यूटी पर मौजूद नर्स ने उसे फर्श पर फैली गंदगी साफ करने के लिए कहा है.
8-9 लाख रुपये खर्च
जानकारी के मुताबिक, दमोह जिला अस्पताल में सफाई व्यवस्था बनाए रखने के लिए आउटसोर्स एजेंसी के जरिए करीब 3 सुपरवाइजर और 52 सफाईकर्मी यानि कुल 55 स्टॉप की तैनाती की गई है. इनकी व्यवस्था पर हर महीने लगभग 8 से 9 लाख रुपये खर्च किए जाने का दाबा अस्पताल प्रबंधक ने किया.
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ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब अस्पताल में सफाईकर्मी तैनात हैं. सफाई के नाम पर हर महीने लाखों रुपये खर्च हो रहे हैं तो फिर मरीज के परिजन को फर्श साफ करने की जरूरत क्यों पड़ी? क्या अस्पताल में सफाई व्यवस्था की निगरानी नहीं होती?क्या जिम्मेदारों को इस बात की जानकारी नहीं है कि वार्डों में साफ-सफाई की जिम्मेदारी किसकी है?
