MP News: मध्य प्रदेश में सागर-दमोह स्टेट हाईवे-63 को फोरलेन में अपग्रेड करने की योजना में बदलाव किया गया है. शुरुआती प्रस्ताव में चार बाईपास बनाने की योजना थी, लेकिन अब गढ़ाकोटा से करीब 7 किलोमीटर पहले स्थित चनौआ गांव को भी बाईपास योजना में शामिल करने की तैयारी है. इसके लिए हाईवे की डिजाइन में बदलाव किया गया है. हालांकि, चनौआ बाईपास का रूट और लंबाई अभी तय नहीं हुई है. फिलहाल इसका आकलन किया जा रहा है. स्थान और लंबाई निर्धारित होने के बाद परियोजना में बाईपास की कुल लंबाई 17 किलोमीटर से अधिक होने की संभावना है.
शुरुआती योजना के मुताबिक, हाईवे पर कुल 15.4 किलोमीटर लंबे चार बाईपास प्रस्तावित थे. इनमें परसोरिया में 2.5 किलोमीटर, गढ़ाकोटा में 7 किलोमीटर, रोन में 2.5 किलोमीटर और बांसा में 3.5 किलोमीटर लंबा बाईपास शामिल है. इनमें गढ़ाकोटा का बाईपास सबसे लंबा प्रस्तावित है. अब चनौआ को भी इस योजना से जोड़ने की तैयारी के बाद परियोजना के दायरे में विस्तार होने की संभावना है.
हाईवे की लंबाई 76 किलोमीटर
सागर-दमोह स्टेट हाईवे की कुल लंबाई करीब 76 किलोमीटर होगी. इसमें सागर जिले की सीमा में 43.6 किलोमीटर और दमोह जिले की सीमा में 31.4 किलोमीटर सड़क का निर्माण किया जाएगा. मार्ग दोनों जिलों के 37 गांवों की सीमाओं से होकर गुजरेगा. परियोजना पर कुल 2059 करोड़ रुपये खर्च होने की जानकारी दी गई है. वहीं, शुरुआती टेंडर संबंधी जानकारी के अनुसार, सड़क निर्माण का काम 707 करोड़ रुपये की लागत से राजस्थान की एक कंपनी को सौंपा गया है.
21 रोड सेफ्टी कर्व इंप्रूवमेंट पाॅइंट होंगे विकसित
एमपीआरडीसी के अधिकारियों के मुताबिक, हाईवे की डिजाइन 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से वाहनों के सुरक्षित संचालन को ध्यान में रखकर तैयार की जा रही है. इसके तहत दुर्घटना की आशंका वाले मोड़ों को सुरक्षित बनाने के लिए 21 रोड सेफ्टी कर्व इंप्रूवमेंट पॉइंट विकसित किए जाएंगे. इन स्थानों पर सड़क की चौड़ाई बढ़ाने और सामने का रास्ता स्पष्ट दिखाई देने जैसी व्यवस्थाएं की जाएंगी, ताकि वाहन चालक मोड़ों पर सुरक्षित तरीके से दिशा बदल सकें. परियोजना पूरी होने के बाद सागर और दमोह के बीच आवागमन सुगम होने के साथ सड़क सुरक्षा में सुधार की उम्मीद है.
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