MP News: टीकमगढ़ जिले के लिए गौरव की खबर है. कृषि एवं ग्रामीण विकास के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए टीकमगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है. प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के तहत जिले की उपलब्धियों के लिए कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय को नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय समारोह में सम्मानित किया गया. मध्य प्रदेश के जिन पांच जिलों का राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए चयन हुआ है, उनमें टीकमगढ़ भी शामिल है.
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना का उद्देश्य कृषि उत्पादकता बढ़ाना, किसानों की आय में वृद्धि करना और ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के अवसर मजबूत बनाना है. इस योजना के तहत टीकमगढ़ ने कृषि उत्पादन, जल संरक्षण, प्राकृतिक एवं जैविक खेती, मत्स्य पालन और सहकारिता के डिजिटलीकरण में उल्लेखनीय प्रगति की है.
गेहूं उत्पादन और रकबे में बढ़ोतरी
जिले में गेहूं का उत्पादन वर्ष 2023-24 में 6 लाख 12 हजार मीट्रिक टन था, जो वर्ष 2025-26 में बढ़कर 6 लाख 92 हजार मीट्रिक टन हो गया. वहीं, गेहूं की खेती का रकबा 2.08 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 2.22 लाख हेक्टेयर से अधिक हो गया है.
जल संरक्षण और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा
जल संरक्षण के तहत जिले में निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप 134 नए जल संग्रहण ढांचों का निर्माण पूरा किया गया है. वहीं, 5,225 किसान 2,090 हेक्टेयर क्षेत्र में प्राकृतिक खेती कर रहे हैं, जबकि 1,983 किसान जैविक खेती से जुड़े हुए हैं.
मत्स्य पालन में लक्ष्य से बेहतर प्रदर्शन
मत्स्य पालन के क्षेत्र में 461 इकाइयों के निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले जिले में 529 इकाइयां दर्ज की गईं. इसके अलावा, जिले की सभी 64 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों का कंप्यूटरीकरण पूरा कर लिया गया है. इससे समितियों के कामकाज को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने में मदद मिलेगी.
1,200 से अधिक महिलाओं को आजीविका से जोड़ने का प्रयास
महिला किसान उत्पादक कंपनियों के माध्यम से 1,200 से अधिक महिलाओं को जोड़कर उनकी आजीविका और स्वावलंबन को बढ़ावा देने के प्रयास किए गए हैं. इस पहल से ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने और उनके लिए रोजगार के अवसर मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है.
कृषि और ग्रामीण विकास को मिली राष्ट्रीय पहचान
टीकमगढ़ को मिला यह सम्मान कृषि एवं ग्रामीण विकास के क्षेत्र में किए जा रहे समन्वित प्रयासों की उपलब्धि माना जा रहा है. उम्मीद है कि इन प्रयासों से किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों का लाभ मिलेगा, उत्पादन बढ़ेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी.
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