शिवपुरी वकील हत्याकांड को लेकर विरोध तेज, ग्वालियर-नर्मदापुरम समेत प्रदेश भर में वकीलों की आज हड़ताल
Shivpuri Advocate Murder Case
Shivpuri Advocate Murder Case: मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में बीते शनिवार को दिनदहाड़े एक वकील के हत्या कर दी गई थी. इस हत्या के बाद से ही पूरे प्रदेश में अधिवक्ताओं के बीच अक्रोश का माहौल है. अब प्रदेश के सभी वकीलों ने मिलकर इसके विरोध में हड़ताल का आवाहन किया है, यानी कि सभी वकीलों ने मिलकर योजना बनाई है कि वे आज किसी केस की सुनवाई में हिस्सा लेंगे. बता दें कि आज 16 फरवरी यानी कि सोमवार को सभी वकीलों ने कोर्ट जाने का तो फैसला किया है लेकिन उन्होंने कहा है कि ‘हम अदालत तो जरूर जाएंगे लेकिन किसी भी मामले की पैरवी नहीं करेंगे.’
इस मामले में तीन आरोपियों को किया गया गिरफ्तार
दरअसल शिवपुरी में कोर्ट से घर जाते समय अधिवक्ता संजय सक्सेना की हत्या कर दी गई थी. इस घटना में पुलिस ने कार्यवाई करते हुए अभी तक 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार हुए आरोपियों में गोलू (25) पुत्र अरविंद रावत, पपेंद्र (23) पुत्र हरदास रावत और जहीर (24) पुत्र रफीक शामिल हैं. गोलू और जहीर घुघसी थाना बड़ौनी के रहने वाले हैं. वहीं, पपेंद्र डबरा का रहना वाला है.
सर्वसहमति से हुआ फैसला
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष ‘न्य कुमार जैन ने बताया कि शिवपुरी में एक वकील की गोली मारकर की गई हत्या के विरोध में पूरे प्रदेश के वकील आज सोमवार को प्रतिवाद दिवस मनाकर अदालतों में हाजिर नहीं होंगे.’ उन्होंने आगे कहा है कि ये फैसला रविवार को मध्यप्रदेश स्टेट वार काउंसिल ने सर्वसम्मति से लिया गया है. इसी फैसले के चलते आज मध्य प्रदेश के ग्वालियर, बैतूल और नर्मदापुरम समेत पूरे प्रदेश में हड़ताल का आवाहन किया गया है.
यह भी पढ़ें- MP News: भोजशाला सर्वे रिपोर्ट पर आज अहम सुनवाई, सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद हाई कोर्ट में खुलेगा सीलबंद हिस्सा
क्या है पूरा मामला
दरअसल शिवपुरी जिले की करैरा तहसील में अधिवक्ता संजय सक्सेना कार्यरत थे. वह रोज की तरह की अपना काम खत्म करके बाइक पर सवार होकर अपने घर जा रहे थे. तभी पहले से घात लगाए बैठे बदमाश उनका ही इंतजार कर रहे थे जैसे ही संजय सक्सेना वहां से गुजरे बदमाशों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी. खबरों की माने तो Shivpuri Advocate Murder Case में Sanjay Saxena को कथित तौर पर Land Dispute Case जिताने के बाद गोली मार दी गई. इनता ही नहीं परिजनों ने 12 लाख की सुपारी और चुनावी रंजिश का आरोप लगाया हैं.