ट्विशा शर्मा की मौत बनी रहस्य, वो 7 सवाल जिनके जवाब का अब भी सभी को इंतजार
मॉडल और एक्ट्रेस ट्विसा शर्मा
Twisha Sharma Death Mystery Update: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल की मॉडल और एक्ट्रेस ट्विसा शर्मा की मौत के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कोर्ट की संलिप्तता के कारण निष्पक्ष जांच नहीं हो पाई है. इसलिए हमने खुद एक्शन लेते हुए कार्यवाही शुरू की है. शुरुआत में इस मामले को आत्महत्या बताया गया, लेकिन परिवार ने दहेज प्रताड़ना और हत्या का आरोप लगाया है.इस केस में कई ऐसे सवाल हैं जिनके जवाब अब तक साफ नहीं हो पाए हैं. यही वजह है कि जांच पर लगातार सवाल उठ रहे हैं.
मौत आत्महत्या थी या कुछ और?
ट्विशा का शव उनके भोपाल स्थित ससुराल के घर में मिला था, पुलिस की शुरुआती जांच में आत्महत्या की बात कही गई, लेकिन परिवार का कहना है कि शरीर पर चोट के निशान थे. परिवार ने दावा किया कि मामला सामान्य नहीं लग रहा है. इसी वजह से दूसरे पोस्टमार्टम की मांग उठाई गई. परिवार की मांग और बढ़ते विरोध के बाद में हाईकोर्ट ने AIIMS दिल्ली की टीम से दोबारा पोस्टमार्टम कराने का आदेश दिया था.
पहला पोस्टमार्टम सवालों के घेरे में क्यों आया?
परिवार का आरोप है कि शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कई जरूरी बातें साफ नहीं थीं. चोटों और शरीर की हालत को लेकर भी संदेह जताया गया था. इसी कारण लोगों ने जांच में लापरवाही और दबाव की आशंका जताई. यही वजह है कि परिवार पूरे मामले को सीबीआई को सौंपने की शुरुआत से ही मांग कर रहा था.
पति समर्थ सिंह कई दिन तक गायब क्यों रहा?
ट्विशा के पति समर्थ सिंह घटना के बाद कई दिनों तक सामने नहीं आए. न तो ट्विशा की मौत के बाद और न ही अस्पताल में ट्विशा के साथ वो थे. पुलिस उनकी तलाश कर रही थी. समर्थ की तलाश के लिए पुलिस ने 30 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था. हालांकि बाद में समर्थ ने सरेंडर किया, जिसके बाद अदालत ने उन्हें पुलिस रिमांड में भेज दिया. इस बीच लोगों के मन में सवाल उठा कि अगर मामला साफ था तो वह छिप क्यों रहे था. समर्थ का पूरे मामले में छिपना शक पैदा कर रहा था.
सास ने CCTV वालों और अधिकारियों को फोन क्यों किए?
ट्विशा की सास और रिटायर्ड जज गिरि बाला सिंह पर आरोप है कि घटना के तुरंत बाद उन्होंने कई लोगों, CCTV तकनीशियनों और कुछ अधिकारियों से संपर्क किया था. इस दौरान उन्होंने केस को लेकर बातचीत की थी. ऐसा परिवार का दावा है. परिवार पूछ रहा है कि आखिर इतनी जल्दी किस बात की चिंता थी. इससे सबूतों से छेड़छाड़ की आशंका भी जताई गई है.
FIR दर्ज करने में देरी क्यों हुई?
परिवार का आरोप है कि पुलिस ने तुरंत गंभीर धाराओं में मामला दर्ज नहीं किया था. पुलिस एक थाने से दूसरे थाने जाने की बात कहती नजर आई. यही वजह है कि जांच एजेंसियों की निष्पक्षता पर सवाल उठने लगे. हालांकि बाद में SIT बनाई गई और अब CBI जांच की मांग तेज हो गई है. कोर्ट ने भी केस सीबीआई को देने को कहा है.
क्या प्रभावशाली परिवार होने का असर जांच पर पड़ा?
ट्विशा के ससुराल पक्ष का संबंध न्यायिक व्यवस्था से रहा है. मतलब यह कि सास जज रही हैं तो ऐसा आरोप है कि वह केस को प्रभावित कर सकती हैं. इसकी उनकी तरफ से कोशिश भी की गई है. इसी वजह से सोशल मीडिया और लोगों के बीच यह चर्चा तेज हुई कि कहीं प्रभाव का इस्तेमाल तो नहीं हुआ. सुप्रीम कोर्ट ने भी संस्थागत पक्षपात और जांच में गड़बड़ियों को गंभीरता से लिया है.
ट्विशा ने अचानक ऐसा कदम क्यों?
जांच में सामने आया कि ट्विशा अपने भाई से मिलने अजमेर जाने की तैयारी कर रही थीं. टिकट और यात्रा की बातें भी सामने आईं हैं, सास ने भी इस बात की पुष्टि की है. ऐसे में परिवार सवाल उठा रहा है कि जो लड़की आगे की योजना बना रही थी, वह अचानक आत्महत्या क्यों करेगी.
इस पूरे मामले ने देशभर में बहस छेड़ दी है. सोशल मीडिया पर भी लोग निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं. कई लोगों का मानना है कि अगर मामला किसी प्रभावशाली परिवार से जुड़ा न होता, तो शायद जांच का तरीका अलग होता. यही वो सवाल हैं जिनका जवाब न तो परिवार को मिला न लोगों को मिला. जिसके कारण ससुराल पक्ष पर कई तरह की शंकाएं पैदा हो रही हैं.
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