Republic Day: कर्तव्य पथ पर छत्तीसगढ़ की झांकी बनी आकर्षण का केंद्र, दिखाया जनजातीय शौर्य का इतिहास
Republic Day 2026: 77वें गणतंत्र दिवस के मौके पर छत्तीसगढ़ की राजकीय झांकी ने देश भर के लोगों को आकर्षित किया. इस झांकी के जरिए प्रदेश के जनजातीय शौर्य का इतिहास दिखाया गया. वहीं, देश के पहले जनजातीय डिजिटल संग्रहालय की भव्यता को भी दिखाया गया.
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रुचि तिवारी
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Last Updated: Jan 26, 2026 12:33 PM IST
77वें गणतंत्र दिवस के मौके पर दिल्ली के कर्तव्य पथ पर छत्तीसगढ़ की झांकी ने सबका ध्यान अपनी ओर खींचा.
छत्तीसगढ़ की झांकी 'स्वतंत्रता का मंत्र – वंदे मातरम्' थीम पर आधारित थी. इस झांकी में जनजातीय वीर नायकों की गौरवगाथा को दिखाया गया.
इस झांकी में देश के पहले जनजातीय डिजिटल संग्रहालय को दर्शाया गया.
झांकी की शुरुआत में 1910 के ऐतिहासिक भूमकाल विद्रोह के नायक वीर गुंडाधुर को दिखाया गया. उन्होंने अन्यायपूर्ण अंग्रेजी शासन के विरुद्ध जनजातीय समाज को संगठित किया था.
झांकी के पीछे के भाग में छत्तीसगढ़ के प्रथम शहीद वीर नारायण सिंह को घोड़े पर सवार और हाथ में तलवार लिए दिखाया गया. उन्होंने अकाल के समय गरीबों और वंचितों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष किया था. साथ ही 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में अग्रणी भूमिका निभाई थी.
इस झांकी में स्थानीय कलाकार ने भी प्रस्तुति दी. इस झांकी को देखकर दर्शकों की तालियों की गड़गड़ाहट बजने लगी.
छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर स्थित इस संग्राहलय में छत्तीसगढ़ सहित देश के 14 प्रमुख जनजातीय स्वतंत्रता आंदोलनों को आधुनिक डिजिटल तकनीकों के माध्यम से संरक्षित किया गया है.
बता दें कि इस पूरी झांकी में जनजातीय समाज के अदम्य साहस, बलिदान और देशभक्ति की भावना को सशक्त रूप में अभिव्यक्त किया गया.