क्या है छत्तीसगढ़ का तीजा तिहार? जिसमें करू-भात खाकर महिलाएं रखती है व्रत
Teeja Tihaar: तीजा तिहार छत्तीसगढ़ और छत्तीसगढ़ियों का मुख्य त्यौहार है. यह त्यौहार भादो माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है. तृतीया होने के कारण इसको तीजा कहते हैं.
छत्तीसगढ़ अपनी संस्कृति, खान-पान और त्योहारों के लिए प्रसिध्द है. वहीं यहां तीजा का त्योहार भी बड़े धूमधाम से मनाया जाता है.
यह भादो माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है. जिसके कारण इसे तीजा कहते हैं.
तीजा के दिन महादेव और माता गौरा की निर्जला व्रत के साथ पूजा करने का विधान है.
तीजा पर्व की शुरुआत करूभात से होती है जो बहुत ही कड़वा होता है. इस पर्व में करेले का विशेष महत्व होता है.
महिलाएं सुबह उठकर स्नान करने के बाद भगवान महादेव और माता गौरा की मिट्टी की प्रतिमा की पूजा करती हैं.
वहीं बस्तर में तीजा को तीजा जगार के रूप में मनाते हैं. यहां महादेव और बालीगौरा (गंगा माता) के मिट्टी प्रतिमा का पूजन किया जाता है.
तीजा तिहार में घरों में ठेठरी, खुरमी और कतरा जैसे कई व्यंजन बनाते है.